पाण्डीवार पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, बिना काम सप्लायरों को बांट दिए लाखों रुपये; अब जांच की मांग

Revanchal
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कलेक्टर से शिकायत: कागजों पर बनीं सड़कें और श्मशान घाट, मीडिया के सवाल पर बोले सरपंच-पति- “जो बात करना है सचिव से करो, मैं तो सिर्फ सरपंच पति हूँ”

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले की जनपद पंचायत नैनपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाण्डीवार में विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के खुलेआम गबन और भारी बंदरबांट का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पंचायत में चल रही तानाशाही और वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता सबूतों के साथ समस्त वार्ड पंचों और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मण्डला को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि महिला सरपंच श्रीमती आराधना कुमरे और पंचायत सचिव प्रेम प्रकाश जंघेला की जुगलबंदी में जनता की गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाया जा रहा है बिना सामग्री पहुंचे ही लाखों का एडवांस पेमेंट, ये हैं गंभीर आरोप:


कलेक्टर कार्यालय में सौंपी गई शिकायत के मुताबिक, पंचायत में भ्रष्टाचार के ये 5 बड़े मामले उजागर हुए हैं सामुदायिक भवन और श्मशान घाट में बड़ा खेल: वर्ष 2025-26 के तहत पंचम वित्त योजना के अंतर्गत श्मशान घाट निर्माण (लागत ₹6,62,000) एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क संरचना योजना के तहत सामुदायिक भवन निर्माण (लागत ₹15,00,000) स्वीकृत हुआ है। आश्चर्य की बात यह है कि कार्यस्थल पर आज दिनांक तक एक ईंट या बालू का कतरा तक नहीं पहुंचा, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर सप्लायरों को लाखों रुपये का अग्रिम (Advance) भुगतान कर दिया गया सड़क की लंबाई काटी, पैसा पूरा निकाला: शारदा चौक मंच से उपस्वास्थ्य केंद्र तक बनाई गई सीसी रोड में भारी तकनीकी हेरफेर करते हुए स्वीकृत मापदंड से 324 मीटर कम सड़क बनाई गई और पूरी राशि आहरित कर ली गई।


विधायक निधि की राशि साफ, काम अधूरा: वर्ष 2022 में विधायक निधि से स्वीकृत मेन रोड से खेरमाई मंदिर तक सीसी रोड के लिए ₹3,00,000 की राशि पूरी निकाल ली गई, लेकिन कार्य आज भी अधूरा है और गरीब मजदूरों को उनकी मजदूरी तक नहीं मिली है।


नल-जल योजना की वसूली का गबन: 1 जुलाई 2024 से आज तक नल-जल योजना के अंतर्गत ग्रामीणों से वसूला गया जल-कर सरकारी खाते में जमा करने के बजाय सीधे गायब कर दिया गया। घटिया कूप निर्माण: वर्ष 2024-25 में कराए गए कूप निर्माण के सुधार कार्य में भारी गुणवत्ताहीन कार्य कर बिना सुधार के ही राशि निकाल ली गई। मीडिया के सवालों पर बिफरे सरपंच-पति, कहा- “सचिव से करो बात इस पूरे भ्रष्टाचार और ग्राम पंचायत में उनके द्वारा अवैध रूप से सारे काम व बिल वाउचर बनवाने के आरोपों को लेकर जब सरपंच-पति सुखचैन कुमरे से मीडिया ने तीखे सवाल किए, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से साफ पल्ला झाड़ लिया


सरपंच-पति सुखचैन कुमरे का गैर-जिम्मेदाराना बयान
“हम सब कर चुके, जो बात करना है सचिव से करो। मैं तो सरपंच पति हूँ, हम बात नहीं करेंगे। सचिव बताएगा, unse बात करो।” सरपंच-पति का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि चुनकर आई महिला जनप्रतिनिधि के बजाय पर्दे के पीछे से सरकार कोई और चला रहा है और गड़बड़ियों पर सवाल पूछने पर जवाब देने वाला कोई नहीं है। सचिव रहते हैं नदारद, पंचों को नहीं मिलता हिसाब ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी बताया कि सचिव प्रेम प्रकाश जंघेला कभी समय पर पंचायत कार्यालय में उपस्थित नहीं होते, जिससे जनता परेशान रहती है। वहीं ग्राम सभा की बैठकों में वार्ड पंचों और ग्रामीणों द्वारा आय-व्यय का लेखा-जोखा मांगने पर कोई हिसाब नहीं दिया जाता।

मुख्यमंत्री और जिला पंचायत सीईओ तक पहुंची गूंज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाण्डीवार के समस्त पंचों और ग्रामवासियों ने इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत मण्डला और मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन, भोपाल को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस पूरे “करप्शन नेटवर्क” की जमीनी स्तर पर निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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