रेवांचल टाईम्स मंडला – मंडला जिले के विकास खंड घुघरी की ग्राम पंचायत घोरेघाट में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ पर किराना दुकान व्यापारी का उधार मांगना एक दुकानदार और उसके परिवार के लिए मौत और तबाही का कारण बन गया। आरोप है कि नर्मदा बोरवेल के कर्मचारियों ने पैसे मांगने से नाराज होकर बाहरी गुंडों को बुलाया और पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोपियों ने न केवल दुकान में तोड़फोड़ की बल्कि घर में घुसकर महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की। इस हिंसक हमले में कई लोग घायल हो गए, जबकि अनिल पड़वार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वही घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करता, तो शायद एक युवक की जान नहीं जाती।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब जिला प्रशासन ने नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, तब आखिर नर्मदा बोरवेल किसके संरक्षण में आधी रात को खनन कार्य कर रही थी? आखिर किसकी शह पर कानून को ठेंगा दिखाकर यह अवैध काम जारी था?
ग्रामीणों का आरोप है कि बोरवेल माफिया खुलेआम प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। अब सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर खड़ा हो गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा अवैध बोरवेल संचालन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर प्रशासन ने जल्द कठोर कदम नहीं उठाए, तो जनता का गुस्सा और भड़क सकता है।
