
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों मंडला जिले में भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच State Bank of India की मंडला शाखा से जो वायरल तस्वीर सामने आ रही है, वह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है।
जहां एक ओर बैंक ग्राहकों से ही पूरा सिस्टम चलता है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं उपभोक्ताओं को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है।
हालात क्या हैं?
उपभोक्ताओं को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
कई लोगों को खड़े होकर ही बैंकिंग कार्य करवाने पड़ रहे हैं
बैंक हॉल में लगे पंखे अक्सर बंद पाए जाते हैं गर्मी से हलाकान हो रहे है ग्राहक
जबकि कर्मचारियों के केबिन में पंखे/सुविधाएं सुचारू रूप से चालू रहती हैं
यानी साफ तौर पर सुविधाएं सिर्फ स्टाफ के लिए, और परेशानी केवल ग्राहको के साथ साथ आम जनता के हिस्से! हीट वेव में यह लापरवाही खतरनाक इस समय तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग बैंक में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं।
यह केवल असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरा भी है।
सवाल सीधे हैं:
क्या बैंक प्रबंधन को उपभोक्ताओं की कोई चिंता नहीं? क्या ग्राहक सिर्फ “लाइन में खड़े रहने” के लिए हैं? क्या यही है एक राष्ट्रीयकृत बैंक की सेवा भावना?
जिम्मेदारी किसकी?
इस मामले में
शाखा प्रबंधक की सीधी जवाबदेही बनती है
साथ ही जिला प्रशासन को भी निरीक्षण कर स्थिति सुधारने के निर्देश देने चाहिए
क्या होना चाहिए?
तत्काल बन्द पंखों और कूलिंग व्यवस्था को चालू किया जाए उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था हो
भीड़ प्रबंधन और टोकन सिस्टम लागू किया जाए वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग सुविधा दी जाए
वही जिस बैंक पर जनता भरोसा करती है, अगर वही जनता को इस तरह परेशान करे, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
प्रशासन और बैंक प्रबंधन को तुरंत संज्ञान लेकर व्यवस्था सुधारनी चाहिए—क्योंकि “ग्राहक भगवान है” सिर्फ नारा नहीं, जिम्मेदारी भी है। और उन्हें भी हवा पानी मिलना चाहिए।
