दैनिक रेवांचल टाइम्स पिपरिया, 2 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अंतर्गत रेलवे हॉस्पिटल पिपरिया में पर्यावरण संरक्षण एवं ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) प्रबंधन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान तथा प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आर.आर. कुर्रे ने बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, टैबलेट, टेलीविजन, वीडियो गेम, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव, बैटरियां, चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक खिलौने एवं चिकित्सा उपकरण जैसे अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान बड़ी मात्रा में ई-कचरे के रूप में परिवर्तित हो रहे हैं। यदि इनका उचित प्रबंधन नहीं किया जाए तो यह पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ई-कचरे में सीसा (लेड), पारा तथा अन्य हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, जिन्हें सामान्य कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। इसके स्थान पर इनका वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जाना आवश्यक है।
डॉ. कुर्रे ने ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रमुख उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को एकत्रित किया जाए, आवश्यक डाटा को सुरक्षित रखा जाए तथा उसके बाद रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से तांबा, एल्यूमीनियम, प्लास्टिक एवं अन्य उपयोगी सामग्री को अलग कर पुनः उपयोग में लाया जाए। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कार्यक्रम में प्लास्टिक प्रदूषण पर भी विशेष चर्चा की गई। उपस्थित कर्मचारियों से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा कपड़े के थैलों को अपनाने की अपील की गई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रेरक स्लोगन भी प्रस्तुत किए गए—
प्लास्टिक कम करो, पृथ्वी बचाओ।
कम प्लास्टिक, ज्यादा हरियाली।
प्लास्टिक का उपयोग कम करें, धरती को सुंदर बनाएं।
कपड़े का थैला अपनाएं, प्लास्टिक से मुक्ति पाएं।
