रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम एनएसएफडीसी द्वारा कल, 29 मई 2026 को तमिया ब्लॉक के ग्राम हिर्री में एक विशाल जागरूकता और वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के अंतर्गत आयोजित इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहनों का जीवन स्तर ऊपर उठाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था।
एनएसएफडीसी की योजनाओं से बदलेगा जीवन स्तर
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एनएसएफडीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सरकारी योजनाओं के सही और समय पर उपयोग करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की योजनाएं जनजातीय परिवारों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती हैं, बशर्ते लोग जागरूक होकर इनका लाभ उठाएं।
बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के दिए गुरुमंत्र
डिजिटल होते दौर में ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए शिविर में वित्तीय साक्षरता पर खास सत्र आयोजित किया गया। मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने ग्रामीणों को सरल भाषा में बैंकिंग खातों के संचालन और सुरक्षित लेनदेन के तरीके सिखाए। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन होने वाली बैंकिंग धोखाधड़ी साइबर फ़्रॉड से निपटने के लिए कई बेहद उपयोगी और व्यावहारिक सुझाव साझा किए, जैसे
अपना ओटीपी या बैंक पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
बैंक अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी फोन कॉल्स से सावधान रहें।
सरकारी बीमा योजनाओं की दी जानकारी
सत्र के दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक ने ग्रामीणों के सुरक्षित भविष्य के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे इन कम प्रीमियम वाली योजनाओं से जुड़कर अपने परिवार को एक सुरक्षित कवच प्रदान करें।
इस शिविर में हिर्री और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जनजातीय ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न सिर्फ नई योजनाओं की जानकारी मिलती है, बल्कि वे आधुनिक बैंकिंग को सुरक्षित तरीके से अपनाने के प्रति जागरूक भी होते हैं।
