देवरीकला बबलिया में गूंजे गायत्री मंत्र, 5 कुण्डीय महायज्ञ का भव्य आयोजन

Revanchal
2 Min Read

कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धा, आज होगा दीप महायज्ञ


दैनिक रेवांचल टाइम्स/बबलिया (मंडला)।
मंडला-निवास मार्ग स्थित ग्राम देवरीकला बबलिया इन दिनों भक्ति और आध्यात्म के रंग में सराबोर है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के सान्निध्य में यहां दो दिवसीय भव्य 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन की विशेष पहल भाजपा जिला सदस्य एवं पूर्व उपसरपंच बाबूलाल यादव द्वारा अपने 65वें जन्मदिवस के अवसर पर की गई है, जिसे ग्रामवासियों के सहयोग से जनआस्था के उत्सव का रूप दे दिया गया है।


मंगलवार को दोपहर 3 बजे शिव मंदिर से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा के दौरान पूरा गांव “गायत्री मंत्र” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। यह आयोजन पुराना बालक छात्रावास, बस स्टैंड बबलिया परिसर में संपन्न हो रहा है।


आज होंगे वैदिक संस्कार
महायज्ञ के दूसरे दिन बुधवार सुबह 7:30 बजे से 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ होगा। इस दौरान विभिन्न वैदिक संस्कारों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।


दीप महायज्ञ के साथ होगा समापन
आयोजन का मुख्य आकर्षण बुधवार शाम 6 बजे होने वाला भव्य दीप महायज्ञ रहेगा। सैकड़ों दीपों की रोशनी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस दो दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन का समापन किया जाएगा।


इस पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, जहां एक निजी अवसर को समाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना से जोड़कर जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।


“जन्मदिन का ऐसा जश्न, जहां केक नहीं—आहुति चढ़ी”
आजकल जन्मदिन मतलब केक, मोमबत्ती और सेल्फी…
लेकिन देवरीकला बबलिया में मामला थोड़ा अलग है।


यहां मोमबत्तियों की जगह दीप जले,
और “हैप्पी बर्थडे” की जगह गूंजा गायत्री मंत्र।
लगता है गांव ने नया ट्रेंड शुरू कर दिया है—
जश्न भी हो और जनकल्याण भी।
अगर ऐसे ही जन्मदिन मनने लगे,
तो शायद समाज भी थोड़ा और “प्रकाशमय” हो जाए

👁️ 0 views Views
Share This Article
Translate »