स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे रातभर दौड़ रहे ट्रैक्टर, कार्रवाई पर उठे सवाल
रेवांचल टाइम्स नारायणगंज मंडला
नारायणगंज क्षेत्र में इन दिनों मिट्टी के अवैध उत्खनन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अनुसार शनिवार और रविवार की रातों में ट्रैक्टर खुलेआम मिट्टी का उत्खनन कर परिवहन करते देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है, बावजूद इसके अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस विभाग को इन ट्रैक्टरों की आवाजाही और अवैध परिवहन की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जिन ट्रैक्टरों का पंजीयन कृषि कार्य हेतु किया गया है, उन्हीं वाहनों से खुलेआम रेत, गिट्टी और मिट्टी का परिवहन कैसे किया जा रहा है। नियमों के विपरीत हो रहे इस उपयोग पर संबंधित विभाग की चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध उत्खनन से जहां शासन को राजस्व की हानि हो रही है, वहीं पर्यावरण और ग्रामीण मार्गों को भी नुकसान पहुंच रहा है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात राजस्व विभाग की टीम ट्रैक्टरों को पकड़ने मौके पर पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई किए बिना ही वापस लौट गई। आखिर टीम बिना कार्यवाही क्यों वापस आई, इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं राजस्व विभाग की मिलीभगत से तो यह अवैध कारोबार संचालित नहीं हो रहा।क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि आखिर किन लोगों के संरक्षण में यह अवैध उत्खनन चल रहा है।
यदि प्रशासन चाहे तो रात में गश्त बढ़ाकर और संबंधित स्थानों पर निगरानी कर इस अवैध गतिविधि पर रोक लगा सकता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रात में चल रहे ट्रैक्टरों की जांच कर राजस्व एवं पुलिस विभाग की भूमिका की भी निष्पक्ष पड़ताल किए जाने की मांग उठाई है।

