विद्या रूपी समय के सागर की अनंत विमल सरिताएं

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला: लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई में संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्रीविद्यासागरजी की परम प्रभावी शिष्या एवं विद्या शिरोमणि आचार्य महाराज श्रीसमयसागरजी के आज्ञानुवर्ती आर्यिका श्री 105 विमल मति माता जी ससंघ का चातुर्मास हेतु लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई हुआ भव्य मंगल प्रवेश। परम सौभाग्य से एक साथ भगवती स्वरूप सात माता जी का लाभ इस वर्ष व्रती नगरी वासियों को प्राप्त होने जा रहा है l

सकल दिगम्बर जैन समाज बड़े हर्षोल्लास के साथ आर्यिका संघ की आगवानी में शामिल हुई। नगर के जिनालयों की वंदना के उपरांत पूज्य आर्यिका मां विमल मति माता जी की मंगल देशना का लाभ समस्त धर्म प्रेमी बंधुओं को प्राप्त हुआ। सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र जी ने साधु सेवा समिति के पदाधिकारी ऋषभ जैन जी को जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य आर्यिका संघ की आगवानी में हमें पुलिस प्रशासन का सहयोग प्राप्त हुआ इस हेतु हम प्रशासन के आभारी हैं। साथ ही सकल दिगम्बर जैन समाज लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई द्वारा “विद्या रूपी समय के सागर की अनंत विमल सरिताओं” में डुबकी लगाने हेतु भारत वर्षीय सकल दिगम्बर जैन समाज को आमंत्रित भी किया गया।

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