जबलपुर में शादी से पहले दूल्हे पर किया हमला, दुल्हन पहुंची थाना, बदमाशों ने घर में घुसकर की तोडफ़ोड़
दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर।
कभी-कभी किसी शहर की सबसे बड़ी खबर वह नहीं होती जो अखबार के पहले पन्ने पर छपती है, बल्कि वह होती है जो किसी घर की दीवारों पर टूटे कांच, बिखरे सामान और डरे हुए चेहरों में दर्ज होती है।
जबलपुर के गोराबाजार इलाके में एक ऐसा ही घर है, जहां इन दिनों शहनाइयों की गूंज होनी थी। रिश्तेदार आने वाले थे, दूल्हे की सेहरा-बंदी की बातें होनी थीं, लेकिन अब वहां सवाल हैं, खामोशी है और डर है।
परिवार का आरोप है कि शादी से पहले उनके घर पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया। घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई, महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता की गई। यहां तक कि आग लगाने की कोशिश भी हुई। यह सब उस शहर में हुआ, जहां कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है।
पहले धमकी… फिर हमला
परिजनों के मुताबिक, रहीम खान की शादी शहर की ही एक युवती से दोनों परिवारों की सहमति से तय हुई थी। घर में तैयारियां चल रही थीं। 12 जुलाई की शाम रहीम किसी काम से बाहर गया था। इसी दौरान एक फोन आया, जिसमें घर का पता पूछा गया।
कुछ देर बाद चार-पांच युवक पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रहीम के साथ मारपीट की और धमकी देकर चले गए।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
रात करीब नौ बजे, परिवार का आरोप है कि 20 से 25 लोग हथियार लेकर पहुंचे। घर में घुसे। सामान तोड़ा। महिलाओं के साथ अभद्रता की। दहशत फैलाने की कोशिश की। पड़ोसियों के शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले।
परिवार का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल वीडियो में रिकॉर्ड है।
दुल्हन का आरोप…”अगर मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं होने दूंगा”
इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पक्ष भी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
एसपी कार्यालय पहुंची युवती ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि वह और रहीम एक-दूसरे को पसंद करते हैं और दोनों परिवारों की सहमति से विवाह तय हुआ था।
युवती का कहना है कि बेलबाग निवासी आदित्य बैन नाम का युवक लगातार धमकी दे रहा था। कथित तौर पर उसने कहा था…”अगर मेरी नहीं हुई तो किसी की नहीं होने दूंगा।”
युवती का आरोप है कि पहले दोनों के बीच दोस्ती थी, लेकिन बाद में आरोपी जबरन शादी का दबाव बनाने लगा। परिवार ने जब रहीम से विवाह तय कर दिया तो धमकियां और बढ़ गईं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है।
सबसे बड़ा सवाल…एफआईआर के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद गोराबाजार थाने में शिकायत दी गई, लेकिन दो दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का यह भी दावा है कि हमले के बाद से रहीम लापता है। यदि यह दावा सही है तो मामला और गंभीर हो जाता है।
आज परिवार और युवती दोनों एसपी कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अब सवाल पुलिस से है…
यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं है।
यदि शादी से पहले किसी युवक के घर पर दर्जनों लोग हमला कर सकते हैं… यदि महिलाओं के साथ कथित अभद्रता हो सकती है… यदि शिकायत के बाद भी पीड़ित कार्रवाई का इंतजार करता रहे… तो सवाल केवल अपराधियों पर नहीं उठता, व्यवस्था पर भी उठता है।
अब देखना यह है कि पुलिस जांच सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और शिकायतों के आधार पर कितनी तेजी और निष्पक्षता से आगे बढ़ती है।
