मंडला के रेल विकास के लिए ‘मिशन 2026’ की हुंकार: जनसुनवाई में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Revanchal
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“बैंगलोर से दिल्ली तक गूँजी मंडला की रेल मांग – विज़न 2026।”

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला जिले की वर्षों पुरानी रेल समस्याओं और नई कनेक्टिविटी की मांग को लेकर ‘मिशन मंडला जंक्शन – विज़न 2026’ अभियान के तहत आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। स्वतंत्र रेल कार्यकर्ता नितिन सोलंकी के मार्गदर्शन में उनके क्षेत्रीय प्रतिनिधि अखिलेश सोनी ने जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें मंडला को रेलवे के मुख्य मानचित्र पर लाने के लिए ठोस रोडमैप पेश किया गया है।


प्रशासनिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ रखी मांग
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि
मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर पिट लाइन और स्टेब्लिंग लाइन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण यहाँ से अयोध्या, दिल्ली, मुंबई, नागपुर और इंदौर जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है।

नितिन सोलंकी ने पत्राचार के माध्यम से बताया कि यह मामला वर्तमान में रेल मंत्रालय के ‘Construction’ और ‘Chief Mechanical Engineer’ स्तर पर तकनीकी जांच के लिए प्रक्रियाधीन (Under Process) है।

नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर से खुलेगा विकास का द्वार
ज्ञापन के माध्यम से ‘नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर’ (पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडौरी-मंडला-गोटेगांव) के लिए Final Location Survey (FLS) की शीघ्र स्वीकृति की मांग की गई है

इस कॉरिडोर के महत्व को स्वीकार करते हुए हाल ही में DRM नागपुर (SECR) ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी सराहना की थी।

यह कॉरिडोर न केवल जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ेगा, बल्कि कान्हा नेशनल पार्क के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

PMO और ‘मन की बात’ तक पहुँची गूँज
विज़न 2026 के तहत इन मांगों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए भी भेजा जा चुका है। युवाओं के इस तकनीकी और योजनाबद्ध प्रयास की शहर में काफी चर्चा है।

कलेक्टर से टास्क फोर्स बनाने का विशेष आग्रह:

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि जिला स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए, जो इन रेल परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर सके और आगामी रेलवे-प्रशासन समन्वय बैठकों में इन बिंदुओं को प्रमुखता से रखा जाए।

इनका कहना है कि:-
नितिन सोलंकी, स्वतंत्र रेल एक्टिविस्ट। ‘मिशन मंडला जंक्शन – विज़न 2026’ के माध्यम से हमारा लक्ष्य मंडला को दक्षिण और उत्तर भारत के रेल नेटवर्क से मजबूती से जोड़ना है। मैंने नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर और कवर्धा-मंडला-जबलपुर लिंक के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ठोस प्रस्ताव भेजा है।

पिटलाइन स्टेबलिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधा इस्मे खुशी की बात यह है कि रेलवे बोर्ड के कंस्ट्रक्शन और मैकेनिकल विभाग अब इन मांगों की तकनीकी जांच कर रहे हैं। आज अखिलेश सोनी जी के माध्यम से हमने जिला प्रशासन से भी सहयोग मांगा है। हम रुकने वाले नहीं हैं, जब तक मंडला का एक-एक आदिवासी अंचल रेल की मुख्यधारा से नहीं जुड़ जाता, हमारा यह तकनीकी और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा।”

रेलवे के जानकार श्री अखिलेश सोनी का कहना है सच तो यह है कि अंग्रेजों के जमाने का यह स्टेशन आज तक एक बड़ा रेलवे हब बन जाना चाहिए था, लेकिन हमें सिर्फ आश्वासनों के ‘लॉलीपॉप’ मिले हैं। पर्याप्त जमीन होने के बावजूद रेलवे की सुस्ती से इस आदिवासी अंचल का विकास रुका हुआ है, जिससे स्थानीय मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है। हमारी मांग है कि मंडला फोर्ट को तुरंत कोचिंग टर्मिनल बनाया जाए ताकि क्षेत्र को उसका वाजिब हक और रोजगार मिल सके।”

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