रेवाँचल टाईम्स – मण्डला, ग्राम पंचायत मुगदरा में संचालित सरकारी राशन दुकान से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की राशन दुकान में दो हरियाणा के व्यक्तियों ने स्थायी रूप से कब्जा कर लिया है और वहीं रहकर भोजन पकाने तक का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये दोनों व्यक्ति ग्राम निवासी अशोक ठाकुर के कहने पर यहां आए हुए हैं। बताया जा रहा है कि वे आसपास के खेतों में हार्वेस्टर मशीन से फसल कटाई का काम कर रहे हैं। इस दौरान राशन दुकान के सैल्समेन द्वारा उन्हें न केवल रहने की अनुमति दी गई बल्कि दुकान की चाबी भी सौंप दी गई है।
राशन दुकान में वर्तमान में लाखों रुपए मूल्य का गेहूं, चावल, शक्कर और नमक सहित अन्य खाद्यान्न सामग्री रखी हुई है। ऐसे में दुकान की चाबी बाहरी व्यक्तियों को दे देना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। ग्रामीणों का कहना है कि सैल्समेन ने न तो इस संबंध में फूड विभाग से कोई अनुमति ली है और न ही स्थानीय थाना बम्हनी बंजर में कोई सूचना दी गई है। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है। सूत्रों के अनुसार संबंधित हरियाणा के व्यक्तियों द्वारा की जा रही फसल कटाई पर सैल्समेन का कमीशन तय है।
इसी कारण उसने उन्हें सरकारी राशन दुकान में ठहरने की व्यवस्था कर दी यह मामला न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का है बल्कि इससे अनाज की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। अब सवाल उठता है शासकीय भवन के अंदर यह बाहरी लोग आखिर किसकी अनुमति से डेरा डाले बैठे हैं। इतना ही नहीं आरोप तो ये भी हैं कि राशन दुकान में मिलने वाला शासकीय चावल भी इन लोगों द्वारा पर्सनल उपयोग में लिया जा रहा है यानी सरकारी अनाज की खुलेआम चोरी और दुरुपयोग किया जा रहा है।

सेल्समैन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं क्या फूड विभाग की अनुमति के बिना उसने बाहरी लोगों को राशन दुकान की चाबी कैसे दे दी। अब सबसे बड़ा खतरा अगर रात के वक्त लाखों का राशन गायब हो जाए या कोई बड़ी वारदात घट जाए तो जिम्मेदारी किसकी होगी। जबकि मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के सख्त निर्देशों के बावजूद इस तरह का लापरवाह रवैया कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि फूड विभाग और स्थानीय प्रशासन तत्काल जांच कर इस मामले में सैल्समेन पर कार्रवाई करे। लोगों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
