हजरत गुलजार बाबा का उर्स अकीदत व एहतराम के साथ संपन्न, कौमी एकता की दिखी मिसाल

Revanchal
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​उमरिया इसरा में उमड़ा जायरीन का सैलाब, मुंबई के कव्वालों ने बांधी समां

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा

सिवनी रोड स्थित ग्राम उमरिया इसरा में हजरत गुलजार बाबा रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स पाक बेहद शान-ओ-शौकत और मजहबी रस्मों के साथ मनाया गया।


इस दौरान न केवल स्थानीय लोग, बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों से आए जायरीन की भारी भीड़ ने दरगाह शरीफ पर हाजिरी दी। दरगाह कमेटी के चेयरमैन शेख यूसुफ भाई ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह कौमी एकता और भाईचारे को समर्पित रहा।

​दिन भर जारी रहे धार्मिक कार्यक्रम
​उर्स का आगाज नमाजे जौहर के बाद मिलाद शरीफ से हुआ, जिसमें बाबा की शान में नात-ओ-मनकबत पेश की गई। इसके पश्चात:
​परचम कुशाई, नमाजे असर के बाद पूरे एहतराम के साथ झंडा वंदन (परचम कुशाई) की रस्म अदा की गई।

​शाही संदल, नमाजे मगरिब के बाद शाही संदल निकाला गया, जो दरबार में पेश किया गया।

जायरीन ने मन्नतें मांगीं और चादर पोशी की।
​लंगर-ए-आम: नमाजे ईशा के बाद अकीदतमंदों के लिए लंगर का इंतजाम किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने तबर्रुक हासिल किया।

​कव्वाली में झूम उठे जायरीन
​उर्स की मुख्य आकर्षण रात को आयोजित ‘जश्ने कव्वाली’ का प्रोग्राम रहा। मुंबई से तशरीफ लाए मशहूर कव्वाल अदनान अजीम नाजा और कव्वाल युसूफ सोला ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम पेश किए। कव्वाली का यह सिलसिला रात भर चला और सुबह 5:00 बजे तक श्रोता मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे।

​छोटा कस्बा, बड़ी रौनक
​उमरिया इसरा एक छोटा कस्बा होने के बावजूद यहाँ व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं। उर्स में शिरकत करने के लिए सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, नागपुर और अमरावती समेत जिले भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भारी भीड़ के चलते मेला जैसा माहौल रहा और चारों ओर रौनक देखते ही बन रही थी। दरगाह कमेटी और स्थानीय युवाओं ने सभी आगंतुकों की सहूलियत के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया।

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