योग से बदलेगा जीवन जिला जेल में गूँजा ‘योग महोत्सव’ का शंखनाद

Revanchal
9
2 Min Read

​अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 50 दिवसीय काउंटडाउन का भव्य शुभारंभ, 600 बंदियों ने लिया योग का संकल्प

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है’ इसी ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए जिला जेल छिंदवाड़ा में योग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज किया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के 50 दिन पूर्व शुरू हुए इस जागरूकता अभियान के तहत जेल परिसर में योग की ऊर्जा का संचार हुआ।
​जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर के निर्देशन एवं जेलर ज्ञानांशु भारतीय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 600 से अधिक बंदियों ने सहभागिता की।

​तनाव मुक्ति और सकारात्मकता पर जोर
​कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षक डॉ. पवन नेमा ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए बताया कि कैसे नियमित योग से क्रोध, तनाव और नकारात्मक विचारों पर विजय पाई जा सकती है।

​विशेषज्ञों की उपस्थिति और मार्गदर्शन
​आयुष विभाग की टीम ने बंदियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के गुर सिखाए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे
​डॉ. धर्मेन्द्र मरावी योग नोडल अधिकारी,
​डॉ. रश्मि नेमा आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी एमएस,
​डॉ. अंकुश साहू सहायक योग नोडल अधिकारी,
​डॉ. कनिका खरपुसे, डॉ. नीतू चौधरी एवं डॉ. रेणु सूर्यवंशी l

​नियमित अभ्यास का लिया संकल्प
​कार्यक्रम के समापन पर जेल प्रबंधन और आयुष विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में सभी 600 प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास करने की शपथ दिलाई गई। जेल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बंदियों के व्यवहार और जीवनशैली में सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने कहा ​,हमारा उद्देश्य योग को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है। जेल में निरुद्ध व्यक्तियों के लिए योग मानसिक पुनर्वास का सबसे सशक्त माध्यम साबित होगा।

Share This Article
Translate »