
ताप्ती दर्शन छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
शहर में शनिवार शाम प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। पिछले एक सप्ताह से 42 डिग्री की भीषण गर्मी झेल रहे छिंदवाड़ा वासियों को मौसम के बदले मिजाज ने राहत तो दी, लेकिन यह राहत एक परिवार पर मातम बनकर टूटी।
शाम करीब 4 बजे आए भीषण बवंडर ने शहर में तबाही मचा दी, जिसमें एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
छत से गिरी टंकी बनी काल
सबसे हृदयविदारक घटना शनिचरा बाजार स्थित डॉ. बिंद्रा अस्पताल के पास हुई। तेज आंधी के कारण एक मकान की छत पर रखी भारी-भरकम पानी की टंकी अचानक नीचे आ गिरी। इसकी चपेट में आने से पातालेश्वर वार्ड निवासी आशीष (पिता तेजलाल यादव) गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि आशीष को बचाव का मौका भी नहीं मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पेड़ों का तांडव और ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पीजी कॉलेज, आईटीआई, केंद्रीय विद्यालय, नागपुर रोड और सिवनी रोड जैसे प्रमुख इलाकों में दर्जनों विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त खंभे गिरने और तार टूटने से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई।
यातायात बाधित सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण कई मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही, जिसे नगर निगम की टीम हटाने में जुटी रही।
अंधेरे में शहर सुरक्षा कारणों से बिजली विभाग ने आपूर्ति बंद कर दी, जिससे देर रात तक शहर अंधेरे में डूबा रहा।
पड़ोसी जिलों में भी तबाही
प्रकृति का यह प्रकोप केवल छिंदवाड़ा तक सीमित नहीं रहा। पड़ोसी जिले सिवनी में भी जबरदस्त आंधी-तूफान ने नुकसान पहुंचाया। वहीं, पांढुर्णा के सेटलर टोल प्लाजा पर भी भारी क्षति होने की सूचना है।
भीषण गर्मी ने पारा जरूर गिराया है, लेकिन विकास के दावों के बीच गिरते पेड़ और असुरक्षित निर्माण ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
