9 हजार से अधिक जरूरतमंदों को बांटी गई राशन किट; लंदन से आए एनआरआई दंपत्ति भी बने सेवा के साक्षी
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
अध्यात्म और सेवा की त्रिवेणी कहे जाने वाले संत आशाराम आश्रम, लिंगा में इस वर्ष भी ‘षष्टि महोत्सव’ पूरी भव्यता और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। बापू के अवतरण दिवस के छठवें दिन मनाए जाने वाले इस विशेष उत्सव ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की, जहाँ हजारों जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई।
धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान हुआ आश्रम
उत्सव का शुभारंभ सुबह से ही आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। दिन भर आश्रम परिसर गुरु गीता पाठ, आशारामायण पाठ और दिव्य भजन-संकीर्तन से गुंजायमान रहा। साधकों के उत्साह और आश्रम की सुव्यवस्थित साज-सज्जा ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशिष्ट अतिथियों ने की सेवा कार्यों की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) संजय पुन्हार, जिला पंचायत सदस्य ललिता घोगे एवं जिला अंत्योदय समिति के पूर्व जिला अध्यक्ष विलास घोगे उपस्थित रहे। अतिथियों ने आश्रम की व्यवस्थाओं और निस्वार्थ सेवा प्रकल्पों को देख प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि आश्रम का आध्यात्मिक वातावरण समाज को नई दिशा दे रहा है।
सेवा का नया विश्वव्यापी अभियान
षष्टि महोत्सव समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने बताया कि
”छिंदवाड़ा की पावन धरा से ही ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ और ‘विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य निर्माण शिविर’ जैसे ऐतिहासिक अभियानों की शुरुआत हुई थी। अब यहाँ से शुरू हुआ ‘षष्टि महोत्सव’ भी आने वाले समय में विश्वव्यापी रूप लेगा।
9 हजार से अधिक लोग हुए लाभांवित
इस विशाल आयोजन में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लगभग 9,000 से अधिक लोगों को राशन सामग्री किट का वितरण किया गया। साथ ही सभी भक्तों के लिए आश्रम द्वारा विशेष ‘भोजन प्रसाद’ की व्यवस्था की गई थी।
लंदन से आए साधक बने आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम (लंदन) से आए अप्रवासी भारतीय आदित्य भुसारे और वैशाली भुसारे विशेष रूप से शामिल हुए। विदेशी भूमि पर रहकर भी अपनी जड़ों और गुरु-सेवा से जुड़े रहने के उनके जज्बे की सभी ने सराहना की।
इनका रहा विशेष योगदान
इस दैवीय कार्य को सफल बनाने में खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई, लिंगा आश्रम की संचालिका साध्वी प्रतिमा बहन, साध्वी रेखा बहन, आशा ताई इंगले, दामोदर इंगले, रितेश इंगले, सुभाष इंगले, अशोक कराडे, नारायण ताम्रकार, तिलक सिंह पन्द्राम, कैलाश राउत, बबलू सूरज प्रसाद माहोरे, रामेश्वर कर्मवीर, पी.आर. शेरके और महिला समिति की विमल शेरके, प्रीति सोनारे सहित समस्त साधक परिवार का सराहनीय सहयोग रहा।
