मण्डला में मिनीकिट बीज वितरण घोटाला! मोहंगाव विकास खण्ड में निशुल्क मसूर बीज वितरण को योजना अंतर्गत किया गया उपयोग

Revanchal
20
4 Min Read

200 क्विंटल मसूर बीज शासन द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम भोपाल के माध्यम से किसानों को मुफ्त बीज वितरण के लिए भेजा गया था , लेकिन इस बीज को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत मसूर बीज प्रदर्शन में उपयोग किया गया है।

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मण्डला।जिले में कृषि विभाग की मिनी किट योजना में एक गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि 200 क्विंटल मसूर बीज, जिसे किसानों को निशुल्क वितरित किया जाना था, उसे कागज़ों में “तो मिनीकिट वितरण दिखाया गया है । परन्तु इस बीज का उपयोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन मसूर प्रदर्शन अंतर्गत उपयोग कर लिया गया है । दलहन प्रर्दशन के 200 क्विंटल बीज को केवल कागजो में आदेश करके फर्जी बिल लगाकर संस्थाओं के खाते में भुगतान कर आपस मे शासकीय राशि का बन्दर बाट कर लिया गया है ।

इस पूरे मामले में प्रभारी उप संचालक अशवनी झारिया और प्रभारी वरिष्ठ कृषि अधिकारी आर. के. मंडाले का नाम सामने आ रहा है, जिनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।


सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा मिनी किट योजना के तहत किसानों को उन्नत बीज मुफ्त में देने का प्रावधान है, ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके। लेकिन आरोप है कि जो बीज किसानों को बांटा जाना था, उसी को रिकॉर्ड में प्रदर्शन के रूप में दिखा दिया गया, जिससे योजना का वास्तविक उद्देश्य प्रभावित हुआ।


कई किसानों का कहना है कि उन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिला, जबकि विभागीय दस्तावेजों में पूरे 200 क्विंटल बीज का उपयोग दर्शाया गया है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कागज़ी कार्यवाही के जरिए वित्तीय अनियमितता की गई है।


सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत बिलिंग और भुगतान भी किया गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। मामले में प्रभारी उप संचालक अशवनी झारिया की भूमिका को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।


गौरतलब है कि इससे पहले भी डिंडोरी जिले में इसी तरह का मामला सामने आ चुका है, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को निलंबित किया गया था।


ईओडब्ल्यू ने मांगे दस्तावेज, जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर ने भी जांच शुरू कर दी है। 23 अप्रैल 2026 को जारी पत्र के अनुसार ईओडब्ल्यू ने कृषि विभाग, जिला डिंडोरी के उप संचालक से इस प्रकरण में विस्तृत जानकारी और मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


पत्र में विशेष रूप से वर्ष 2021-22 में डिंडोरी, समनापुर, अमरपुर, करंजिया, बजाग और शहपुरा विकासखंडों में चना एवं मसूर बीज वितरण से संबंधित जानकारी मांगी गई है। ईओडब्ल्यू ने बीज क्रय से संबंधित आदेश और भुगतान की मूल नस्तियां, स्टॉक रजिस्टर में दर्ज बीज का विवरण, वितरण एवं भुगतान से जुड़े अधिकृत अधिकारियों के आदेश, समनापुर-अमरपुर विकासखंड में एसडीओ द्वारा की गई जांच रिपोर्ट आदि की जानकारी मांगी है।


ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी दस्तावेज सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर से शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।
अब मण्डला में सामने आए इस मामले को लेकर किसान संगठनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि योजनाओं का लाभ सही मायनों में किसानों तक पहुंच सके।

Share This Article
Translate »