दैनिक रेवाँचल टाईम्स – इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही हैं और बिजली विभाग लोगों के साथ आख मिचौली का खेल खेल रहा हैं!
पनागर क्षेत्र की चरमराई विद्युत व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्य सब-स्टेशन से जम्पर आउट होने और ए.बी. स्विच से भी जम्पर उड़ जाने के कारण शाम लगभग 4:50 बजे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अचानक हुई इस तकनीकी खराबी के चलते घंटों तक क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
5 किलोमीटर का क्षेत्र भी नहीं संभाल पा रहा विभाग
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि पनागर विद्युत विभाग महज कुछ किलोमीटर के सीमित क्षेत्र की व्यवस्था भी सुचारु रूप से संभालने में नाकाम साबित हो रहा है। बिजली कटौती होते ही विभाग की ओर से हर बार अलग-अलग बहाने सामने आ जाते हैं। कभी जम्पर उड़ने की बात कही जाती है, तो कभी पेड़ों की टहनियां, पोल खराबी या सामान्य हवा-तूफान को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है।
लोगों का कहना है कि बार-बार की तकनीकी खराबियां विभाग की लापरवाही और कमजोर रखरखाव व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। गर्मी के इस मौसम में लगातार बिजली बाधित रहने से घरों, दुकानों और छोटे व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जनता बोली — बिल पूरा, सुविधा अधूरी
क्षेत्रीय नागरिकों ने विभाग के अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें भरोसेमंद बिजली सेवा नहीं मिल पा रही है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक विभाग हर समस्या के पीछे हवा-तूफान और तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचता रहेगा। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अघोषित कटौती और खराब व्यवस्थाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी।
