नियति का क्रूर प्रहार लिंगा के योगेश ठाकरे का असमय निधन, पीछे छूटा रोता-बिलखता परिवार

Revanchal
5 Min Read

​श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति ने बढ़ाया मदद का हाथ; दो मासूम बेटियों की 15 वर्षों तक शिक्षा का उठाया जिम्मा, राशन के साथ सौंपी ₹30 हजार की सहायता

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा

नियति का क्रूर प्रहार कब किस हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दे, यह कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक हृदयविदारक घटनाक्रम ग्राम लिंगा में सामने आया है, जहां 40 वर्षीय योगेश ठाकरे के आकस्मिक निधन ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। घर के इकलौते कमाऊ स्तंभ के चले जाने से बेसहारा मां और उन मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है, जिनकी दुनिया अपने पिता के इर्द-गिर्द ही सिमटी थी।


​बीते 1 मई को अचानक आए दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से योगेश ठाकरे की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। इस वज्रपात ने परिवार की सुख-शांति को पूरी तरह छीन लिया है और आज यह पीड़ित परिवार गहरे आर्थिक व मानसिक संकट से जूझ रहा है।

​सह-संरक्षक पवन साहू की पहल पर उमड़ी संवेदना
​इस दुखद घटना की सूचना लिंगा निवासी प्रतिष्ठित व्यवसायी और ‘श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति अमरवाड़ा’ के सह-संरक्षक पवन साहू ने समिति को दी। पिछले 11 वर्षों से समिति से जुड़े श्री साहू ने जब इस बेसहारा परिवार की मदद का प्रस्ताव रखा, तो समिति ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत सहायता के हाथ बढ़ाए।

​राशन सामग्री के साथ सौंपी ₹30 हजार की तत्काल मदद
​समिति के सदस्यों ने आपसी सहयोग से पीड़ित परिवार के लिए करीब 30 हजार रुपये मूल्य की संपूर्ण किराना सामग्री एकत्रित की। इसमें शामिल हैं:
​अनाज: 1 क्विंटल चावल, 1 क्विंटल आटा
​दाल व तेल: 30 किलो तुअर दाल, 15 लीटर महाकोश तेल (2 केन)
​अन्य सामग्री: 50 किलो शक्कर, साबुन और निरमा
​बीते 24 मई की रात्रि को समिति के 40 सदस्य अमरवाड़ा से लिंगा पहुंचे और ग्राम सरपंच रूपेश कराड़े की गरिमामयी उपस्थिति में यह राहत सामग्री पीड़ित परिवार को सौंपी।

​मासूमों की पढ़ाई के लिए 15 वर्षों का ‘वचन पत्र’
​पिता को खो चुकी 11 वर्षीय भाग्यश्री ठाकरे (कक्षा 6वीं) और तोषिका (कक्षा 4थी) की शिक्षा में कोई बाधा न आए, इसके लिए समिति ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। समिति द्वारा दोनों बच्चियों की पढ़ाई के लिए आगामी 15 वर्षों तक प्रति माह 1,000 रुपये देने का शासकीय/संस्थागत वचन पत्र अभागी मां कीर्ति ठाकरे को सौंपा गया। साथ ही भविष्य में भी हर संभव सहायता का ढांढस बंधाया गया।

​मानवता की मिसाल पहले से भी कई अनाथ बेटियों का सहारा है समिति
​श्री नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति क्षेत्र में नि:स्वार्थ सेवा का पर्याय बन चुकी है। वर्तमान सहायता के अलावा समिति द्वारा अन्य पीड़ित बच्चियों को भी निरंतर मदद दी जा रही है:
​पौनार (अमरवाड़ा): 6 अनाथ बेटियों को प्रति माह ₹2,000 की आर्थिक सहायता।
​कुदवारी व अमरवाड़ा: 3-3 पितृहीन (पिता विहीन) बेटियों को प्रति माह ₹600-600 की सहायता।
​यह सभी सहायता राशियां भी आगामी 15 वर्षों तक निरंतर जारी रहेंगी।
​विदारक घड़ी में संबल देने पहुंचे क्षेत्र के गणमान्य नागरिक
​इस दुःख की घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
समिति के संरक्षक सुमेर चंद साहू, अध्यक्ष अरुण बूटी नेमा, संस्थापक व संयोजक राधेश्याम सोनी, कोषाध्यक्ष गणेश साहू, लक्ष्मी प्रसाद साहू, राजेंद्र भल्ला (छिंदवाड़ा), सह-संरक्षक राकेश विश्वकर्मा (राघव इंडस्ट्रीज), राजाराम सूर्यवंशी, सी.के. चौबे (सेवानिवृत्त अधिकारी, सिवनी), नवीन जैन (पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष), अनुराग मिश्रा (बीईओ, अमरवाड़ा), महेंद्र डेहरिया (प्राचार्य), मंतलाल परतेती (जनपद सदस्य), श्रीमती ममता तिवारी (नमन इंडेन गैस संचालिका), आशा मर्सकोले, माया डेहरिया, इंदु नेमा, मुकेश नेमा, धनराज सिंह चंदेल, पवन साहू लिंगा, कमलेश साहू, संजय साहू, शैलू ठाकुर सहित ग्राम सरपंच व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

👁️ 1 views Views
Share This Article
Translate »