प्रधानमंत्री की योजनाओं में घोर लापरवाही, आखिर कब जागेगी सरकार

Revanchal
3 Min Read

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित की जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर मंडला जिले में सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ पाने के लिए कई किसान लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ताजा मामला नैनपुर तहसील के ग्राम परसवाड़ा का सामने आया है, जहां एक किसान ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


ग्राम परसवाड़ा निवासी किसान मनोज सिंह कुशवाह का कहना है कि उनकी माता को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नियमित रूप से प्राप्त हो रहा था। लगभग दो वर्ष पूर्व माता के निधन के बाद उन्होंने नियमानुसार सभी आवश्यक दस्तावेज राजस्व विभाग एवं नायब तहसीलदार कार्यालय नैनपुर में जमा किए। अधिकारियों के निर्देश पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी पूरी की गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है।


किसान का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से वे लगातार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन हर बार आश्वासन देकर शिकायत का निराकरण दिखा दिया जाता है, जबकि वास्तविक समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि बार-बार नए दस्तावेज मांगे जाते हैं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लाभ स्वीकृत नहीं किया जा रहा है।


इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। किसान का कहना है कि यदि समय पर नामांतरण और पात्रता संबंधी प्रक्रिया पूरी कर दी जाती तो उन्हें योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी की लापरवाही के कारण उन्हें दो वर्षों से आर्थिक सहायता से वंचित रहना पड़ा है।


मनोज सिंह कुशवाह ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही दो वर्षों से नहीं मिली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि की भरपाई कर उन्हें योजनाओं का नियमित लाभ दिलाया जाए।
किसानों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। यदि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जाती है तो योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है और किसानों का विश्वास भी कमजोर पड़ता है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और किसान को कब तक योजनाओं का लाभ मिल पाता है।

👁️ 16 views Views
Share This Article
Translate »