डिब्बों में कालाबाजारी का आरोप
खुले बाजार में 150 से 200 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा पेट्रोल,
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल, जनता हलकान, व्यापारी मालामाल
रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले की तहसील मुख्यालय घुघरी और अन्य क्षेत्र में पेट्रोल की कमी जो आपदा जैसी स्थिति के बीच कुछ पेट्रोल पंप संचालक अवसर का लाभ उठाकर मनमानी पर उतारू हो गए है आम जनता को नियम कानून का पाठ पढ़ाने में लगे हुए हैं और शोषण करने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर घुघरी के कुछ पेट्रोल पंप में डीजल पेट्रोल समय में नहीं मिल पा रहा है गाड़िया नहीं आ रही हैं और जिन पेट्रोल पंपों पर डीजल पेट्रोल उपलब्ध है वह काला बाजारी में लगे हुए है और आम उपभोक्ताओं के डिब्बों में पेट्रोल देने पर रोक लगाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर चुनिंदा लोगों को बड़े बड़े डिब्बों में पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
वही दूसरी तरफ़ स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेट्रोल की किल्लत का फायदा उठाकर खुले बाजार में पेट्रोल 150 से 200 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों के लिए पेट्रोल की जरूरत होने के बावजूद लोगों को पेट्रोल पंपों से निराश लौटना पड़ रहा है। वहीं कुछ बिचौलियों द्वारा ऊंचे दामों पर पेट्रोल बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन और प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।
लोगों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक सीमित मात्रा में डिब्बों में पेट्रोल बेचकर कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आम जनता आर्थिक शोषण का शिकार हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंपों की जांच कराई जाए, स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों का सत्यापन किया जाए तथा कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि आपदा और संकट के समय जनता को राहत देने के बजाय यदि मुनाफाखोरी की जाएगी तो आम नागरिकों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी।
जनता का सवाल:
क्या प्रशासन पेट्रोल की कालाबाजारी और मनमानी कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर आम लोग इसी तरह लुटने को मजबूर रहेंगे?
