चुटका परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध,प्रशासन की समझाइश के बाद शुरू हुआ सीमांकन कार्य

Revanchal
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रेवांचल टाइम्स नारायणगंज मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम मानेगांव में चुटका परियोजना के तहत प्रस्तावित कॉलोनी निर्माण के लिए किए जा रहे भूमि सीमांकन कार्य के दौरान रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के विरोध के चलते सीमांकन कार्य कुछ समय के लिए बाधित रहा, लेकिन बाद में राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की सक्रिय पहल, संवाद और समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई तथा सीमांकन कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया।


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चुटका परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम मानेगांव में कॉलोनी निर्माण हेतु भूमि का चयन किया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत रविवार 1 जून 2026 को राजस्व विभाग और चुटका परियोजना से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम सीमांकन कार्य के लिए गांव पहुंची थी।

अधिकारियों द्वारा जैसे ही भूमि का सीमांकन प्रारंभ करने की तैयारी की गई, वैसे ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया।


ग्रामीणों का कहना था कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और परियोजना से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर अब तक स्पष्ट समाधान नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार, मूलभूत सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और सीमांकन कार्य रोकना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नारायणगंज हरि सिंह धुर्वे, थाना टिकरिया प्रभारी प्रदीप पांडेय तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद ग्राम पंचायत मानेगांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तारपूर्वक रखा।

कई ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चिंता व्यक्त करते हुए लिखित आवेदन भी प्रस्तुत किए। तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन प्राप्त किए और भरोसा दिलाया कि प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।


बैठक में मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि चुटका परियोजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं शासन द्वारा निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी और सभी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं और हितों का संरक्षण भी शासन की प्राथमिकता है।


अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हुआ। ग्रामीणों ने भी अपनी बात प्रशासन तक पहुंचने पर संतोष व्यक्त किया तथा समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। इसके बाद सीमांकन कार्य पुनः प्रारंभ किया गया और राजस्व विभाग की टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूमि का सीमांकन कार्य आगे बढ़ाया।
गौरतलब है कि चुटका परियोजना को लेकर पूर्व में भी प्रभावित क्षेत्रों में समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठाई जाती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान होना आवश्यक है। वहीं प्रशासन का दावा है कि परियोजना से प्रभावित सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मानेगांव में उत्पन्न स्थिति प्रशासन के लिए एक चुनौतीपूर्ण परिस्थिति थी, लेकिन राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने संयमित रवैया अपनाते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से रोक दिया। अधिकारियों ने बल प्रयोग के बजाय संवाद और समझाइश का रास्ता चुना, जिससे स्थिति शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित हो सकी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन द्वारा उनकी बात सुने जाने को सकारात्मक कदम बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं और मांगों का समयबद्ध समाधान किया जाता है तो विकास कार्यों में सहयोग का वातावरण बन सकता है। वहीं प्रशासन ने भी आश्वस्त किया है कि प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विकास और जनहित दोनों को साथ लेकर चलना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ आगे की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
फिलहाल ग्राम मानेगांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है और सीमांकन कार्य प्रशासन की निगरानी में जारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा, जबकि प्रशासन का कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य कानून और नियमों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएंगे। संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान निकालने की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनि हुई है।

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