साइबर ठगों पर पुलिस का ‘डिजिटल प्रहार’ नुक्कड़ नाटक और कार्यशालाओं से जगाई अलख

Revanchal
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​सेफ क्लिक 2.0″ अभियान: परासिया में नाटक के जरिए सीखे बचाव के गुर,

चौरई में ऐएनएम और शिक्षिकाओं को किया सजग

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा

डिजिटल दुनिया में पैर पसार रहे साइबर अपराधियों को मात देने के लिए जिले की पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “सेफ क्लिक 2.0” विशेष साइबर जागरूकता अभियान के तहत थाना परासिया और थाना चौरई में अनोखे व प्रभावी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल रूप से सुरक्षित और जागरूक बनाना है।

परासिया में नुक्कड़ नाटक देख ठगी से बचने की बारीकियां समझीं
​अनुविभागीय अधिकारी पुलिस परासिया जितेन्द्र सिंह जाट के निर्देशन एवं थाना प्रभारी ईश्वरी पटले के नेतृत्व में परासिया पुलिस टीम ने एक अनूठी पहल की। डब्लू सी एल के कर्मचारियों के सहयोग से थाना परासिया के सामने चौक पर एक शानदार नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
​इस नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से दिखाया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही जैसे ओटीपी शेयर करना या अनजान लिंक पर क्लिक करना, किसी को भी कंगाल बना सकती है। नाटक के जरिए लोगों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बेहद सरल अंदाज में समझाए गए।

चौरई में ऐएनएम , आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षिकाओं को दी गई ‘साइबर सुरक्षा की संजीवनी’
​वहीं दूसरी ओर, अभियान के तहत थाना चौरई में महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चौरई श्रीमती भारती जाट, थाना प्रभारी मोहन मर्सकोले एवं एसआई लता मेश्राम ने की।
​इस कार्यशाला में क्षेत्र की ऐ एन एम , आशा कार्यकर्ताओं और शिक्षिकाओं को आमंत्रित किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें वर्तमान में चल रहे नए-नए साइबर ट्रेंड्स की जानकारी दी और बताया कि वे समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति कैसे जागरूक कर सकती हैं।

पुलिस का ‘सुरक्षा मंत्र’ इन्हें जरूर याद रखें
​राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन (1930) यदि कोई वित्तीय धोखाधड़ी (पैसों का फ्रॉड) होती है, तो बिना देर किए तुरंत 1930 पर कॉल करें।

सीर पोर्टल मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत इस पोर्टल के जरिए अपना आईएमईआई नंबर ब्लॉक करवाएं।
​नसर्प पोर्टल किसी भी साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
​साइबरदोस्त नए-नए साइबर क्राइम और उनसे बचाव के तरीके सीखने के लिए साइबरदोस्त यूट्यूब चैनल को फॉलो करें।
​सुरक्षा टिप्स जो आपको रखेंगी महफूज
​अपने सभी सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स पर टुओ फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें।
​अपना ओटीपी वन टाइम पासवर्ड भूलकर भी किसी से साझा न करें।
​आजकल डीपफेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने नकली वीडियो/ऑडियो) के मामले बढ़ रहे हैं, इनसे बेहद सावधान रहें।
​सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने कहा है,
​आमजन को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना ही इस अभियान का मुख्य संकल्प है। यदि आपके साथ कोई भी संदिग्ध गतिविधि या फ्रॉड होता है, तो तुरंत 1930 पर या अपने नजदीकी थाने में सूचना दें। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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