लैंडलाइन पर बात के बाद भेजा गया संदिग्ध लिंक, ₹5 का भुगतान करते ही खाते से उड़े ₹1 लाख; प्रबंधन ने नंबर हैक होने का किया दावा, साइबर जांच की मांग
दैनिक रेवांचल टाइम्स मण्डला। जबलपुर स्थित मार्बल सिटी हॉस्पिटल के नाम पर कथित ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि अस्पताल के आधिकारिक लैंडलाइन नंबर पर संपर्क करने वाले एक व्यक्ति को ऑनलाइन एडमिशन के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजा गया। लिंक पर मरीज की जानकारी भरकर मात्र ₹5 का भुगतान करते ही उसके बैंक खाते से ₹1 लाख की राशि निकल गई। मामले की शिकायत पुलिस थाना लाडगंज, जबलपुर तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई गई है।
वही पीड़ित के अनुसार उसने इलाज संबंधी जानकारी के लिए अस्पताल के लैंडलाइन नंबर पर संपर्क किया था। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने स्वयं को अस्पताल का कर्मचारी बताते हुए पहले ऑनलाइन एडमिशन कराने की बात कही। इसके बाद एक निजी मोबाइल नंबर से लिंक भेजकर केवल ₹5 की औपचारिक शुल्क जमा करने को कहा गया। जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर जानकारी भरकर भुगतान किया, उसके खाते से ₹1 लाख की राशि कट गई।
घटना के बाद पीड़ित ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क किया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके लैंडलाइन नंबर को हैक कर लिया गया है और उसी के माध्यम से लोगों को फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं।
हालांकि, इस दावे पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। तकनीकी जानकारों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में किसी लैंडलाइन नंबर का इस प्रकार दुरुपयोग होना आसान नहीं है। यदि आज भी उसी नंबर पर कॉल करने पर अस्पताल में ही कॉल रिसीव हो रही है, तो पूरे मामले की तकनीकी जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि कॉल रिकॉर्ड, लिंक भेजने वाले नंबर और संबंधित तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कराई जाए। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सतर्क रहने की अपील
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अस्पताल या संस्था के नाम पर प्राप्त लिंक पर बिना सत्यापन के भुगतान न करें। ऑनलाइन भुगतान से पहले संबंधित संस्था से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य करें तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
