सिंहस्थ 2028 की भव्यता देखेगी दुनिया – मुख्यमंत्री मोहन यादव, “महान भारतीय संस्कृति की झलक देखकर दुनिया दंग रह जाएगी!”

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The world will witness the grandeur of Simhastha 2028 - Chief Minister Mohan Yadav, "The world will be stunned to see a glimpse of the great Indian culture!"

(भोपाल) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की भव्यता देखेगी। हाल ही में, सिंहस्थ 2028 के लिए ₹2,675 करोड़ की 33 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे हों, इसलिए आज नए कलेक्टर कार्यालय भवन का शिलान्यास किया गया। नया कलेक्टर कार्यालय भवन सात मंजिला होगा। नवरात्रि पर, देवी हरसिद्धि और भगवान महाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग ₹370 करोड़ की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नए संयुक्त प्रशासनिक भवन और अन्य विकास परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे, सुसज्जित नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 5 करोड़ श्रद्धालुओं की क्षमता के अनुरूप मौजूदा घाटों का उन्नयन किया जा रहा है। शिप्रा नदी पर कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन में मेट्रो ट्रेन भी जल्द ही आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भावांतर योजना से 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की इच्छानुसार कार्य प्रगति पर है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन और मध्य प्रदेश तथा उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चार नए पुलों के निर्माण से मोक्षदायिनी शिप्रा मैया भविष्य में पुलों की नदी के रूप में विख्यात होंगी। उज्जैन में ये परिवर्तनकारी विकास कार्य सिंहस्थ 2028 की भव्यता को और बढ़ाएँगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में लगभग ₹135 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन जनकल्याण और सुशासन का एक आदर्श उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नए आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सतीश मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन के कायाकल्प का कार्य निरंतर जारी है। नए प्रशासनिक भवन में जिले के अधिकारी एक ही छत के नीचे जनता की सेवा करेंगे। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्ह नदी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए कान्ह डायवर्जन योजना पर कार्य जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी विकास कार्य चल रहे हैं।

इन विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया गया: कार्तिक चौक से शंकराचार्य स्क्वायर रोड (छोटा पुल) तक शिप्रा नदी पर पुल निर्माण के लिए 27.06 करोड़ रुपये; लालपुल के डाउनस्ट्रीम रेलवे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर एक नए चार-लेन पुल के निर्माण के लिए 17.69 करोड़ रुपये; काल भैरव मंदिर से गढ़कालिका रोड (ओखलेश्वर) को जोड़ने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर एक नए दो-लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड़ रुपये; एमआर 24 इंदौर रोड से चिंतामन रेलवे स्टेशन तक शिप्रा नदी पर एक नए चार-लेन पुल के निर्माण के लिए 15.86 करोड़ रुपये; शहर से 10 किमी दूर उज्जैन शहर की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर शिप्रा नदी पर एक नए चार-लेन पुल के निर्माण के लिए 10.86 करोड़ रुपये।

19.18 करोड़ की लागत से केन्द्रीय जेल उज्जैन में आवासीय भवनों का निर्माण, 24.08 करोड़ की लागत से 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन/निर्माण कार्य, 49.10 करोड़ की लागत से मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस का निर्माण तथा 14.52 करोड़ की लागत से पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ावों एवं उप पड़ावों पर सुविधा केन्द्र (डोम, शौचालय एवं रसोई) का निर्माण कार्य कराया गया।

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