रेवांचल टाइम्स मंडला ग्राम पंचायत देवदरा इन दिनों अव्यवस्थाओं का केंद्र बन चुकी है। पंचायत की लापरवाही और साफ-सफाई व्यवस्था की बदहाली ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। खासकर वार्ड क्रमांक 18 की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहां लगभग 20 वर्ष पहले बनाई गई नाली आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। नाली निर्माण के समय जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया था, वह पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।

पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी नाली में ही जमा हो गया है और अब वह सड़कर बदबू मार रहा है। हालत यह है कि आसपास रहने वाले लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है और राहगीरों का निकलना तक दूभर हो चुका है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पंचायत प्रशासन लंबे समय से इस समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। नाली की सफाई नहीं होने से उसमें कचरा, कीचड़ और गंदगी का अंबार लग गया है। जमा पानी में मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब गंदा पानी सड़कों और घरों के आसपास तक फैल जाता है। बावजूद इसके पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और कर्मचारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या केवल वार्ड नंबर 18 तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत के कई अन्य हिस्सों में भी यही हालात बने हुए हैं। गांव में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। पंचायत द्वारा स्वच्छता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य दिखाई नहीं देता। कई बार पंचायत को मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं।
वार्ड के निवासी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि पंचायत की उदासीनता से परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पंचायत की ओर से हरकत जरूर दिखाई गई और सरपंच पति द्वारा दो लोगों को सफाई के लिए भेजा गया, लेकिन सफाई कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। नाली की पूरी तरह सफाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी रही।
जब धर्मेंद्र यादव ने दोबारा सरपंच पति से फोन पर संपर्क कर अधूरे काम की जानकारी दी, तो जवाब सुनकर हैरान रह गए।आरोप है कि सरपंच पति ने साफ शब्दों में कह दिया — “हमसे नहीं होगा, जहां शिकायत करना हो कर दो।” इस बयान ने पंचायत की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता ने जिन लोगों को विकास और समस्याओं के समाधान के लिए चुना, वही अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
गांव के लोगों में पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवदरा की साफ सफाई व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही वार्ड क्रमांक 18 सहित पूरे गांव में नियमित सफाई अभियान चलाकर नालियों की मरम्मत और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था बारिश के पहले सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और वर्षों से गंदगी और बदहाली झेल रहे ग्रामीणों को आखिर कब राहत मिलती है।
