मंडला बस स्टैंड में अधिवक्ता से अभद्रता पर बवाल, वकीलों का फूटा गुस्सा,आरोपी बुकिंग एजेंटों की गिरफ्तारी की मांग

Revanchal
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रेवांचल टाइम्स मंडला शहर का बस स्टैंड सोमवार को उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मनोज गुप्ता के साथ हुई अभद्रता और विवाद के विरोध में वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। घटना ने पूरे शहर में कानून व्यवस्था और बस स्टैंड में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिवक्ताओं ने आरोपी बुकिंग एजेंट मुन्ना पटेल और आशीष पटेल के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए बस स्टैंड परिसर में जमकर नारेबाजी की।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मौके पर एसडीएम सोनल सिडाम, एसडीओपी पीयूष मिश्रा, कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान सहित पुलिस बल पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों से बातचीत कर मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आई। हालांकि अधिवक्ताओं में अब भी भारी आक्रोश बना हुआ है।


घटना के संबंध में एडवोकेट मनोज गुप्ता ने बताया कि रविवार को वे अपनी पत्नी और बच्चों को जबलपुर जाने वाली बस में बैठाने मंडला बस स्टैंड पहुंचे थे। इसी दौरान बस स्टैंड पर सक्रिय बुकिंग एजेंट मुन्ना पटेल और आशीष पटेल से विवाद हो गया। आरोप है कि दोनों एजेंटों ने ना केवल अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया बल्कि उनकी पत्नी और बच्चों के साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की। इस घटना से परिवार दहशत में आ गया और बस स्टैंड परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।


मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुन्ना पटेल लंबे समय से बस स्टैंड क्षेत्र में दबंगई करता आ रहा है और उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के कारण बस स्टैंड का माहौल खराब हो चुका है और आम यात्रियों के साथ आए दिन अभद्रता और धमकी जैसी घटनाएं होती रहती हैं।

गुप्ता ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी के खिलाफ सिर्फ औपचारिक कार्रवाई नहीं बल्कि कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं और उसे जिलाबदर किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।घटना के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता बस स्टैंड पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों का कहना था कि जब एक अधिवक्ता और उसके परिवार के साथ सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई और बस स्टैंड में फैले अराजक माहौल पर सवाल उठाए।

एसडीओपी पीयूष मिश्रा और थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया कि एडवोकेट मनोज गुप्ता की शिकायत के आधार पर मुन्ना पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की से जांच कर रही है और नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में बस स्टैंड एसोसिएशन और अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


हालांकि इस घटना ने एक बार फिर मंडला बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था और वहां फैली मनमानी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड क्षेत्र लंबे समय से अव्यवस्था, जाम, अवैध वसूली और बुकिंग एजेंटों की दबंगई का अड्डा बना हुआ है। यात्रियों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ घटनाओं के बाद तक सीमित रह जाती है।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस स्टैंड में अक्सर बुकिंग एजेंट यात्रियों से अभद्र व्यवहार करते हैं और बस संचालकों के बीच भी वर्चस्व की लड़ाई बनी रहती है। कई बार विवाद मारपीट तक पहुंच जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।


स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि बस स्टैंड में पुलिस चौकी की प्रभावी व्यवस्था, नियमित पेट्रोलिंग और यातायात नियंत्रण की सख्त जरूरत है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।


प्रशासन ने फिलहाल बस स्टैंड क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, पुलिस पेट्रोलिंग तेज करने और यातायात व्यवस्था सुधारने की बात कही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार भी मामला केवल आश्वासनों तक सीमित रहेगा या वास्तव में बस स्टैंड में फैली अराजकता पर लगाम लगाई जाएगी।फिलहाल पूरे मंडला शहर की नजरें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

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