घर का सपना खरीदा था… अब अवैध कॉलोनी का तमगा मिलाअमखेरा में भू-माफिया की निकली ‘अर्थी’, महिलाओं ने चप्पलों से उतारा गुस्सा, सड़क पर फूटा 500 परिवारों का दर्द

Revanchal
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जबलपुर।
सोमवार को अमखेरा की सड़क पर जो नज़ारा दिखा, उसे देखकर राह चलते लोग भी ठहर गए।
किसी की मौत नहीं हुई थी… लेकिन फिर भी अर्थी निकली।
ढोल नहीं थे, मातम नहीं था… गुस्सा था। ऐसा गुस्सा, जो सालों से भीतर उबल रहा था।
गोहलपुर थाना इलाके के अमखेरा पानी टंकी के पास सैकड़ों महिलाएं और पुरुष सड़क पर उतर आए। उनके कंधों पर थी भू-माफिया की अर्थी… और हाथों में थीं चप्पलें।
बीच सड़क अर्थी रखी गई… फिर जो हुआ, उसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। महिलाएं एक-एक कर आगे बढ़ीं और चप्पलों से अर्थी पर प्रहार करने लगीं। कोई चिल्ला रहा था … हमारे सपनों का कातिल कौन?
तो कोई कह रहा था … प्लॉट बेचकर सब भाग गए… अब भुगतें हम!
दरअसल यह गुस्सा श्री परिसर फेस-1 और फेस-2 नाम की उस कॉलोनी को लेकर था, जिसे 2015 में बड़े-बड़े सपने दिखाकर बसाया गया था। यादव पेट्रोल पंप के सामने, किरण कुंज मैरिज गार्डन वाली गली में लोगों को बताया गया … यहाँ आपका भविष्य बसेगा…
लोगों ने जिंदगीभर की कमाई लगा दी। किसी ने गहने बेचे, किसी ने कर्ज लिया, किसी ने रिटायरमेंट का पैसा झोंक दिया।
लेकिन अब वही लोग कह रहे हैं …
हमें मकान नहीं, मुसीबत बेच दी गई।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिना वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस के कच्ची प्लॉटिंग कर जमीनें बेच दी गईं। बाद में नगर निगम ने कॉलोनी को अवैध घोषित कर दिया।
अब हालात ये हैं कि करीब 500 परिवार दो साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए धक्के खा रहे हैं।
बिजली चाहिए तो जवाब मिलता है … कॉलोनी अवैध है…
सड़क की बात करो तो फाइल गायब…
नाली की मांग करो तो अधिकारी गायब…
लोग पूछ रहे हैं …
जब कॉलोनी बस रही थी तब सिस्टम कहाँ था?
जब प्लॉट बिक रहे थे तब किसकी आंखों पर पट्टी बंधी थी?
और अगर सब अवैध था… तो इतने साल तक चलता कैसे रहा?
अमखेरा, गोहलपुर, खजरी, खिरिया और कुदवारी में इन दिनों कच्ची लिखा-पढ़ी का ऐसा खेल चल रहा है, जिसमें भू-माफिया खेतों को सपनों की कॉलोनी बनाकर बेच रहे हैं… और प्रशासन शायद सिर्फ शिकायत आने का इंतजार करता है।
सोमवार को जब सड़क जाम हुई, नारे लगे और भू-माफिया की प्रतीकात्मक अर्थी निकली… तब प्रशासन की नींद खुली। अधिकारी मौके पर पहुंचे, समझाइश दी, आश्वासन दिया और चले गए।
लेकिन जाते-जाते पीछे वही सवाल छोड़ गए …
क्या जबलपुर में घर खरीदना अब लॉटरी खेलने जैसा हो गया है?
जहाँ आदमी अपनी पूरी जिंदगी की कमाई लगाता है… और बदले में मिलता है …
अवैध कॉलोनी का बोर्ड!
मुहम्मद अनवार बाबू

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