जबलपुर में जनसुनवाई व्यवस्था पर उठे सवाल, शिकायतकर्ताओं में बढ़ी चिंता

Revanchal
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प्राइवेट कर्मचारी के भरोसे अतिक्रमण शाखा रांझी

जबलपुर कलेक्टर एवं नगर निगम की जनसुनवाई से जुड़ी फाइलें सड़क किनारे मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद आम नागरिकों में नाराजगी के साथ-साथ यह चिंता भी बढ़ गई है कि जब शिकायतों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आखिर उनकी समस्याओं का समाधान किस तरह होगा।


रांझी क्षेत्र निवासी ईश्वर पटेल ने बताया कि उन्होंने मोनी तिराहा स्थित कंचन ज्वैलर्स के पास विक्की शर्मा द्वारा कंजर्वेंसी एरिया में कथित अतिक्रमण कर मकान निर्माण किए जाने और नाली का पानी रोकने संबंधी शिकायत नगर निगम में की थी। उनका आरोप है कि नाली अवरुद्ध होने के कारण सड़क पर लगातार पानी भर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


ईश्वर पटेल का कहना है कि वे पिछले लगभग एक वर्ष से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों की जांच के लिए कई बार प्राइवेट कर्मचारियों को भेज दिया जाता है, जिन्हें न तो कार्रवाई की प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी होती है और न ही प्रशासनिक नियमों की समझ। वहीं, नगर निगम रांझी जोन क्रमांक-10 के अतिक्रमण अमले पर भी उन्होंने लापरवाही और निष्क्रियता के आरोप लगाए।


जनसुनवाई से जुड़ी फाइलें सड़क किनारे मिलने की घटना के बाद अब शिकायतकर्ताओं में यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं उनकी शिकायतें भी इसी तरह लापरवाही की भेंट न चढ़ जाएं। लोगों का कहना है कि यदि जनता की समस्याओं से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा और गंभीरता ही सुनिश्चित नहीं की जा सके, तो जनसुनवाई जैसी व्यवस्था का उद्देश्य और विश्वसनीयता दोनों सवालों के घेरे में आ जाते हैं।


गौरतलब है कि हाल ही में कलेक्टर एवं नगर निगम जनसुनवाई से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सड़क किनारे पड़े मिले थे, जिसके बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर शहरवासियों में आक्रोश है और लोग जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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