श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर — मानवेंद्र शास्त्री के मुखारविंद से परीक्षित जन्म कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

kaonebroadcast@gmail.com
2 Min Read
A sea of ​​devotion surged during the Srimad Bhagwat Katha – devotees were moved to hear the story of Parikshit's birth from Manvendra Shastri.

रेवांचल टाईम्स – मंडला। नगर के ग्राम पंचायत कटरा स्थित सुभद्रा नगर में स्व. कन्छेदीलाल पाठक एवं स्व. कमलेश पाठक की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत अमृत ज्ञान कथा महोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। कथा वाचक परम पूज्य धर्मशास्त्राचार्य पंडित मानवेंद्र शास्त्री महाराज ने अपने मधुर एवं ओजस्वी वाणी से जब भागवत महात्म्य एवं राजा परीक्षित के जन्म की पावन कथा का रसपूर्ण वर्णन किया, तो पूरा पंडाल भक्ति रस से सराबोर हो उठा।

शास्त्री जी ने भागवत पुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह ग्रंथ कलियुग के अंधकार में ज्ञान और भक्ति का दीपक है। उन्होंने परीक्षित जन्म प्रसंग को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
कथा श्रवण के दौरान अनेक श्रद्धालु भावविभोर होकर “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष में डूब गए। पंडाल में भक्ति संगीत, पुष्पवर्षा और दीपमालाओं की अलौकिक छटा ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
कार्यक्रम के अंत में शास्त्री जी महाराज ने सभी भक्तों से धर्म, भक्ति और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया।

A sea of ​​devotion surged during the Srimad Bhagwat Katha – devotees were moved to hear the story of Parikshit's birth from Manvendra Shastri.
A sea of ​​devotion surged during the Srimad Bhagwat Katha – devotees were moved to hear the story of Parikshit’s birth from Manvendra Shastri.

चरित्र विवरण (कथा वाचक परिचय):-

पंडित मानवेंद्र शास्त्री महाराज विख्यात भागवत कथा वाचक हैं, जिन्होंने देश के अनेक शहरों में श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान भक्तों को कराया है। आपकी वाणी में भक्ति, ज्ञान और भाव का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। समाज में संस्कार, सदाचार और गौ-सेवा के प्रचार हेतु आपका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय है।

👁️ 0 views Views
Share This Article
Translate »