
घटिया निर्माण, मजदूरी भुगतान लंबित और अधूरा पड़ा पुलिया निर्माण बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण
दैनिक रेवांचल टाईम्स | डिंडौरी
जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत परडिया डोंगरी में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। कभी सीसी सड़क निर्माण तो कभी पुलिया निर्माण—हर कार्य में गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब ताजा मामला मुकद्दम टोला में निर्माणाधीन पुलिया का सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही पाइप पुलिया में तय मानकों को ताक पर रखकर घटिया रेत और कमजोर सामग्री का उपयोग किया गया। निर्माण के शुरुआती चरण में ही बेस में दरारें दिखाई देने लगीं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
उपयंत्री की “घर बैठकर मॉनिटरिंग” पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की निगरानी केवल कागजों में हो रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उपयंत्री मौके पर पहुंचे बिना ही घर बैठे मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिसके कारण ठेकेदार और पंचायत के जिम्मेदार लोग मनमानी कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण होता तो निर्माण कार्य में इतनी बड़ी लापरवाही सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से घटिया निर्माण कर शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
मजदूरों को नहीं मिला भुगतान, काम बंद
मामले का एक और गंभीर पहलू मजदूरों का भुगतान नहीं होना है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो दर्जन मजदूरों ने दो सप्ताह से अधिक समय तक पुलिया निर्माण में काम किया, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों ने काम बंद कर दिया, जिसके कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों की मेहनत का पैसा रोकना न केवल अन्याय है बल्कि शासन की योजनाओं की मंशा के भी विपरीत है।
खुले गड्ढे बन सकते हैं हादसे का कारण
लगातार एक माह से निर्माण कार्य बंद होने के कारण पुलिया के साइड वाल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे खुले पड़े हैं। यह मार्ग ऊपर टोला और नीचे टोला को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां दिनभर ग्रामीणों और मवेशियों का आवागमन बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय खुले गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। यदि जल्द कार्य पूरा नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बरसात में बह सकती है पुलिया?
ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है वहां बारिश के दौरान तेज बहाव रहता है। ऐसे में कमजोर और गुणवत्ताहीन निर्माण भविष्य में भारी नुकसान का कारण बन सकता है। लोगों को आशंका है कि बरसात में पुलिया क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे पूरे क्षेत्र का आवागमन प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निर्माण शुरू होने के समय उन्होंने पाइप पुलिया के बजाय मजबूत पिलर आधारित पुल निर्माण की मांग की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। अब निर्माण में दरारें आने और कार्य अधूरा पड़े रहने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जांच की मांग, कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई थी और जांच का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, मजदूरों का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए और अधूरा पड़ा पुलिया निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
