11 वर्षों में भी नहीं बदली थोक सब्जी मंडी की तस्वीर

Revanchal
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किसान और व्यापारी मूलभूत सुविधाओं को तरसे, मंडी प्रशासन आखिर और कितने बुरे दिन दिखाएगा?

दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– नगर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए वर्ष 2015 में तत्कालीन कलेक्टर भारत यादव द्वारा नगर पालिका के समीप संचालित थोक सब्जी मंडी को नागपुर रोड स्थित कृषि फार्म के पास स्थानांतरित किया गया था। उस समय किसानों और व्यापारियों को भरोसा दिलाया गया था कि नई मंडी में महानगरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह वादा अधूरा ही नजर आ रहा है।

दुकानें मिलीं, सुविधाएं नहीं

मंडी परिसर में व्यापारियों को स्थायी दुकानों के रूप में भवन तो उपलब्ध करा दिए गए, लेकिन बैठने के लिए विश्राम कक्ष, पेयजल, छायादार शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी। इससे प्रतिदिन यहां आने वाले सैकड़ों किसान और व्यापारी परेशान हैं।
500 से अधिक किसान-व्यापारी रोज झेलते हैं परेशानी

प्रतिदिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में

किसान फल और सब्जियां लेकर मंडी पहुंचते हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 500 से अधिक किसान एवं व्यापारी यहां लेनदेन करते हैं। इस प्रक्रिया में कई घंटे लगते हैं, लेकिन उनके लिए न बैठने की समुचित व्यवस्था है, न पीने के पानी की सुविधा और न ही मौसम से बचाव का कोई ठोस इंतजाम।

शौचालय बना, लेकिन ताले में कैद

मंडी परिसर में शौचालय का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उस पर ताला जड़ा रहने से उसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा। किसानों और व्यापारियों को मजबूरी में असुविधा झेलनी पड़ रही है।

गर्मी, बारिश और ठंड—हर मौसम में संकट

गर्मी में छांव नहीं, बारिश में जलभराव और कीचड़, तथा सर्दी में खुले आसमान के नीचे इंतजार—हर मौसम किसानों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ा देता है। बरसात के दिनों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से मंडी परिसर में पानी भर जाता है और पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।

सफाई व्यवस्था बदहाल, आवारा पशुओं का डेरा
मंडी परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। आवारा पशु दिनभर परिसर में विचरण करते हैं और मल-मूत्र फैलाते हैं, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मंडी प्रशासन पर उपेक्षा के आरोप

यह थोक सब्जी मंडी कृषि उपज मंडी समिति के अधीन संचालित होती है। इसकी देखरेख का दायित्व सचिव के पास है। व्यापारियों का आरोप है कि समस्याओं को लेकर कई बार मौखिक रूप से अवगत कराने और समाचार प्रकाशित होने के बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं की गई।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

किसानों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मंडी परिसर का निरीक्षण कर पेयजल, शेड, विश्राम कक्ष, शौचालय संचालन, सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।

जनता का सवाल

जब 11 वर्षों में भी किसानों और व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं, तो आखिर मंडी प्रशासन थोक सब्जी मंडी को और कितने बुरे दिन दिखाएगा?

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