मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ में नाराजगी,
लेटलतीफी करने वालों के स्थानांतरण की मांग
जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ जबलपुर ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि सभागीय कोष एव लेखा कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर जिला जबलपुर में विभागों में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों को 10/20/30/35 वर्ष की सेवा उपरात समयमान वेतनमान शासन द्वारा स्वीकृत है, जिसे विभागों द्वारा आईएफएमआईएस साफ्टवेयर के माध्यम से कोष एवं लेखा को भेजा जाता है।
कोष एवं लेखा से स्वीकृति पश्चात ही कर्मचारियों को समयमान वेतनमान प्राप्त होता है, परंतु कोष लेखा द्वारा प्रकरणों को 4 से 5 महीनों तक लंबित रखा जाता है, जबकि प्रक्रिया आनलाईन होने के कारण तत्काल अनुमोदन हो सकते हैं। कर्मचारियों के समयमान वेतनमान में कोष एवं लेखा द्वारा एक बार में सभी आपत्तियों का निराकरण न कराकर एक एक आपत्ति लगाकर प्रकरण वापिस भेज दिये जाते हैं।
एक आपत्ति का निराकरण होने पर दूसरी लगा दी जाती है, जिससे कर्मचारियों को समयमान वेतनमान अनुमोदन में विलंब होता है और मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपत्ति लगाये गये प्रकरणों को भी तत्काल न भेजकर दो से तीन माह तक लंबित रखा जाता है। इन सभी शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर अधिकारी को निर्देशित देने का कष्ट करें, जिससे अधिकारियों/कर्मचारियों को होने वाली मानसिक एव आर्थिक परेशानी से मुक्ति मिल सके।
संघ ने मांग है कि संबंधित अधिकारियों को जो लंबे समय से एक शीट पर जमे हुए है और कर्मचारियों की मूलभत शासन द्वारा देय समयमान वेतनमान लाभ को प्रदाय करने में आनाकानी करते हैं, उन्हें अन्यत्र पदस्थापित किया जाये।
संघ के अटल उपाध्याय, देवेन्द्र पचौरी आलोक अग्निहोत्री, ब्रजेश मिश्रा, वीरेन्द्र चंदेल, रजनीश पाण्डे, सतीश उपाध्याय, दालचंद पासी, अजय दुबे, दिलराज झारिया, राकेश वर्मा, शैलेन्द्र गौतम, के. पी. पाठक, सतीश देशमुख, निशांक तिवारी, अंकित चौरसिया, शैलेन्द्र दुबे, अमित पटेल, विशाल मसीह, विनीत विश्वकर्मा के के शर्मा, मनोहर रजक, ने मांग की है संभागीय कोष एवं लेखा कार्यालय में बेवजह आपत्ति लगाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कर कर्मचारियों की हितैषी मांगो का शीघ्र निराकरण किया जाये।
