बिना जाँच और बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रही लैबें
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला/तहसील मुख्यालय घुघरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों अवैध रूप से गलत काम करने वालों की बाढ़ सी आए गई हैं। फिर वो अवैध कार्य पंचायतों में हो, राजस्व विभाग में हो, अवैध खनन हो, या अवैध तरीके से गांव गांव दारू विक्रय का काम हो शायद ऐसा कोई सरकारी विभाग नहीं जो अपनी जिम्मेदारी समझे और इन अवैध कामों पर रोक लगाकर गलत कामों पर कार्यवाही कर समाज को एक सख्त और सुंदर संदेश देने का काम करें।
वर्तमान समय पर अब स्वास्थ्य विभाग में भी ऐसा ही काम देखने को मिल रहा हैं जहां अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैबों का कारोबार तेजी से फल फूल था हैं और तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आम लोगों की जान से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
तहसील मुख्यालय में कई स्थानों पर बिना पंजीकरण, बिना मान्यता और बिना प्रशिक्षित तकनीशियन के पैथोलॉजी जांच केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां मरीजों से जांच के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।
जानकारी के अनुसार कई लैबों में सैंपल कलेक्शन करने वाले लोग ही स्वयं को लैब टेक्नीशियन बताकर जांच कार्य कर रहे हैं। वहीं रिपोर्टों की गुणवत्ता और सत्यता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण और अशिक्षित मरीज गलत रिपोर्ट के आधार पर इलाज कराने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि कुछ झोलाछाप डॉक्टर और अवैध क्लीनिक संचालक भी इन लैबों से सांठगांठ कर मरीजों को जांच के लिए भेज रहे हैं। जांच रिपोर्ट सही है या गलत, इसकी कोई निगरानी नहीं हो रही। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और वैध दस्तावेजों की जांच नहीं किए जाने से ऐसे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
तो वही जागरूक स्थानीय नागरिक कहते है कि यदि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में संचालित सभी पैथोलॉजी लैबों की यदि जांच करे, वैध दस्तावेजों की पुष्टि की जाए तो बड़ी आसानी से नियम विरुद्ध संचालित लैबों को सील कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरत से खिलवाड़ करने वालों कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए।
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर कब तक कार्रवाई करता है या फिर अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।
