झोलाछाप डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला
मंडला जिले के घुघरी थाना अंतर्गत सलवाह चौकी क्षेत्र के ग्राम बम्हनी में उस समय सनसनी फैल गई जब मोहारी घुघर नाले में एक अज्ञात नवजात शिशु का शव मिला। सुबह ग्रामीणों ने नाले में शव पड़ा देखा, जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना कोटवार के माध्यम से सलवाह चौकी पुलिस तक पहुंचाई गई।
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी निलेश पटेल पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है तथा अंतिम संस्कार की कार्रवाई भी कराई गई।
लेकिन इस दर्दनाक घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था, अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के नेटवर्क पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना डिग्री और बिना अनुमति के कई झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम इलाज कर रहे हैं। गांवों में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी तक अवैध रूप से कराई जाती है, जहां न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था होती है और न ही प्रशिक्षित चिकित्सक।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी के कारण ऐसे अवैध केंद्र फल-फूल रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी अवैध प्रसव या इलाज के बाद सबूत मिटाने के लिए नवजात को नाले में फेंका गया? यदि ऐसा है तो यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विफलता है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई बार झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों की शिकायतें प्रशासन तक पहुंचाई गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती रही। नतीजा यह है कि गरीब और ग्रामीण परिवार आज भी मजबूरी में ऐसे लोगों के भरोसे इलाज कराने को विवश हैं।
अब सवाल पुलिस प्रशासन पर भी उठ रहे हैं। आखिर इतने गंभीर मामलों के बावजूद क्षेत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर अंकुश क्यों नहीं लगाया गया? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा था?
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई होती, तो शायद आज किसी मासूम को इस तरह नाले में फेंकने जैसी अमानवीय घटना सामने नहीं आती।
यह घटना केवल एक नवजात की मौत नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक उदासीनता और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर सामने आई है। अब देखना यह होगा कि जांच केवल कागजों तक सीमित रहती है या फिर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई भी होती है।
