शराब व्यवसाय की मानसिकता से जनहित नहीं समझा जा सकता विजय पांडे

Revanchal
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जनसेवा नहीं, आरोपों की राजनीति कांग्रेस की पहचान बन चुकी है विजय पांडे

कांग्रेस के पास मुद्दों का नहीं, केवल आरोपों का एजेंडा है विजय पांडे

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री विजय पांडे ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं के पास जनता के हितों से जुड़े मुद्दों का अभाव है, इसलिए वे निराधार आरोप लगाकर अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने और जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की राजनीति कर रही है।

पांडे ने कहा कि शराब व्यवसायी से जनसेवा की संवेदनशीलता की अपेक्षा करना ही कठिन है। जो व्यक्ति वर्षों तक केवल मुनाफे के व्यापार की मानसिकता में रहा हो, वह हर विषय को भी उसी नजरिए से देखता है। पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता को भी वह जनसेवा नहीं, बल्कि पैसे कमाने का माध्यम समझता है। यही कारण है कि कांग्रेस के नेताओं को हर जनहित के कार्य में भी राजनीति और स्वार्थ ही दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को वास्तव में जनता की समस्याओं की चिंता है, तो उसे सबसे पहले अपने वर्तमान विधायक कमलनाथ से जवाब मांगना चाहिए। वर्षों तक छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व करने और सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद जिले की पेयजल व्यवस्था सहित अनेक मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो सका। आज भी कांग्रेस के नेता जनता को जवाब देने के बजाय केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। यह कांग्रेस के नेतृत्व की घटती प्रासंगिकता और जनता के बीच कमजोर होते विश्वास का स्पष्ट संकेत है। अब छिंदवाड़ा की जनता केवल बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले विकास और जवाबदेही से नेतृत्व का मूल्यांकन कर रही है।

पांडे ने नगर निगम अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे आज भी किसी भी परिस्थिति में जनहित के लिए समन्वय स्थापित करने को तैयार नहीं हैं। शहर के हित में सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सहयोग आवश्यक होता है, लेकिन वे हर विषय पर केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करते नजर आते हैं। शायद कांग्रेस में नेताओं का राजनीतिक भविष्य विरोध और बयानबाजी के आधार पर तय होता होगा, इसलिए वे हर समय टकराव की राजनीति में ही खड़े दिखाई देते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि उनके इस रवैये से यदि पूरी जनता परेशान होती है या कांग्रेस स्वयं राजनीतिक रूप से और कमजोर होती है, तब भी वे जनहित से ऊपर विरोध की राजनीति को ही प्राथमिकता देते हैं।
श्री पांडे ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र अब देश और प्रदेश की जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व को काल्पनिक बताकर करोड़ों देशवासियों की आस्था का अपमान करते थे और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का विरोध करने के लिए न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी करते थे, वही आज सत्ता की लालसा में राम-राम का जाप करते हुए स्वयं को रामभक्त साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा जैसे ऐतिहासिक आयोजनों से भी दूरी बनाए रखी थी। आज वही कांग्रेस सत्ता के लिए भगवान श्रीराम का नाम लेने का दिखावा कर रही है। जनता कांग्रेस की इस अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है। श्रीराम भारतीय संस्कृति और करोड़ों देशवासियों की आस्था के शाश्वत प्रतीक हैं। उनका नाम केवल चुनावी लाभ के लिए लेना कांग्रेस की राजनीतिक मजबूरी है, न कि उसकी वास्तविक आस्था।

जिला महामंत्री एवं पार्षद विजय पांडे ने कहा कि भाजपा के लिए राजनीति सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित है। कांग्रेस के नेताओं को निराधार आरोप लगाने के बजाय सकारात्मक सहयोग करना चाहिए, क्योंकि जनता अब आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और परिणाम की राजनीति को स्वीकार कर रही है।

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