बालई नदी पुल से रेलिंग तोड़ 30 फीट नीचे गिरी वन विभाग की बोलेरो,

Revanchal
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सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर उठे सवाल

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले के विकास खण्ड नारायणगंज में नेशनल हाईवे तीसमें स्थित बालई नदी में एक सरकारी वाहन पुल की रेलिग तोड़ते हुए नदी में छलाँग लगा दी पर शुक्र है कि वाहन में बैठे अधिकारी और उनके परिजनों को ज्यादा कोई हानि नही पहुँची जहाँ एक तरफ मंडला जिले में पदस्थ अधिकारियों को शासन से मिली शासकीय वाहन का किस तरह से निजी उपयोग किया जा रहा यह तो घटना दुर्घटना के बाद ही उजगार हो पाता है बाकी समय तो जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंख बन्द कर सब देखते रहे है और बेचारे करे भी क्योंकि जो जा रहा है वह सरकार का और जनता के टैक्स का पैसा उनका क्या जा रहा हैं।
वही ज़िले में सरकारी वाहनों के निजी उपयोग को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और विभागीय उदासीनता के कारण यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। वही सूत्रों से प्राप्त ताजा मामला मंडला जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर सामने आया है, जहां वन विभाग की एक शासकीय बोलेरो वाहन बालई नदी पुल की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे जा गिरी। इस हादसे में वन विभाग की रेंजर सहित चार लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद अब केवल हादसे की नहीं, बल्कि सरकारी वाहन के कथित निजी उपयोग की भी चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार रात लगभग 9:30 बजे मंडला-जबलपुर मार्ग पर नारायणगंज के समीप बालई नदी पुल पर तेज रफ्तार से जा रही शासकीय बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन ने पुल की रेलिंग तोड़ दी और सीधे लगभग 30 फीट नीचे नदी में जा गिरा। संयोग अच्छा रहा कि इस समय नदी में पानी कम था, अन्यथा हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।
सूत्रों के अनुसार वाहन मंडला से जबलपुर की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि सामने अचानक एक मोटरसाइकिल सवार आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और बोलेरो पुल से नीचे जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में वन विभाग की मंडला रेंजर सोनल जैन गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर किया गया। वहीं वाहन में सवार तीन वर्षीय अभ्रय जैन, शिवानी यादव और चालक को भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में उतरकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।घटना की सूचना मिलते ही टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रारंभ कर दी। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है, लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सरकारी वाहन के उपयोग को लेकर उठ रहा है।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि शासन द्वारा अधिकारियों को शासकीय कार्यों, निरीक्षण, फील्ड विजिट और विभागीय दायित्वों के निर्वहन के लिए वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। इन वाहनों का उद्देश्य सरकारी कार्यों को सुचारू और समयबद्ध बनाना है, लेकिन अक्सर देखने में आता है कि कई विभागों के अधिकारी इन वाहनों का उपयोग निजी यात्राओं, पारिवारिक कार्यक्रमों और व्यक्तिगत कार्यों के लिए भी करते हैं।
बालई नदी में गिरी इस शासकीय बोलेरो को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर रात के समय यह वाहन मंडला से लगभग 40 किलोमीटर दूर किस सरकारी कार्य से जा रहा था।यदि वाहन विभागीय कार्य में था तो उसका रिकॉर्ड क्या है और यदि निजी यात्रा पर था तो शासकीय संसाधनों के उपयोग की जवाबदेही कौन तय करेगा। ऐसे कई सवाल अब चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जानकारों का कहना है कि सरकारी वाहनों के निजी उपयोग से शासन को दोहरी क्षति होती है। एक ओर डीजल, रखरखाव और अन्य खर्च का भार सरकारी खजाने पर पड़ता है, वहीं दूसरी ओर विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद ऐसे मामलों पर अक्सर पर्दा डाल दिया जाता है और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही नहीं तय की जाती।
वही इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी वाहनों की मॉनिटरिंग व्यवस्था अधिकारियों की मनमानियों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। यदि वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग, लॉगबुक सत्यापन और नियमित निगरानी की प्रभावी व्यवस्था हो तो इस तरह के मामलों की सच्चाई आसानी से सामने आ सकती है।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना की जांच में जुटी है और घायलों का उपचार जारी है। लेकिन इस हादसे ने सरकारी वाहनों के कथित निजी उपयोग, शासकीय संसाधनों के दुरुपयोग और विभागीय जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच केवल दुर्घटना तक सीमित रहती है या फिर यह भी पता लगाया जाएगा कि दुर्घटनाग्रस्त शासकीय वाहन आखिर किस उद्देश्य से रात के समय लंबी दूरी की यात्रा पर निकला था।
बालई नदी में गिरी बोलेरो ने केवल रेलिंग ही नहीं तोड़ी, बल्कि सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर वर्षों से उठ रहे सवालों को भी एक बार फिर सामने ला खड़ा किया।

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