भुआ बिछिया में अवैध रूप से संचालित हो रहा ट्रामा सेंटर?नियमों को ताक पर रख मरीजों की जान से खिलवाड़ के आरोप

Revanchal
15
4 Min Read

अनुमति और सुविधाओं पर उठे सवालक्या बिना मानकों और NOC के चल रहा ट्रामा सेंटर

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी घेरे में

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला/भुआ बिछिया। मंडला जिले के भुआ बिछिया क्षेत्र में शिवहरे कॉम्प्लेक्स में संचालित एक कथित ट्रामा सेंटर अब सवालों के घेरे में आ गया है। आरोप है कि जिस स्तर की सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टर, उपकरण और प्रशासनिक अनुमति ट्रामा सेंटर संचालन के लिए अनिवार्य होती हैं, वे यहां मौजूद नहीं हैं। इसके बावजूद ट्रामा सेंटर के नाम पर संचालन किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है।


स्वास्थ्य विभाग के नियमों और ट्रामा सेंटर संचालन की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी ट्रामा सेंटर में न्यूरो सर्जरी, कार्डियो थोरैसिक सर्जरी, 24×7 ब्लड बैंक, ICU, MRI, CT Scan, वेंटिलेटर, इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर, माइनर OT, ऑक्सीजन कंट्रोल यूनिट, हर बेड पर मॉनिटर, मूवेबल X-ray मशीन, क्विक रिस्पॉन्स टीम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होना आवश्यक है। साथ ही प्रशिक्षित सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम की चौबीसों घंटे उपलब्धता भी अनिवार्य होती है।


इतना ही नहीं, दुर्घटना या आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए ICU और अस्पताल परिसर में पर्याप्त फायर एग्जिट व्यवस्था होना भी जरूरी है। सरकारी अस्पतालों में पदस्थ MBBS डॉक्टरों तक को विशेष ट्रामा केयर प्रशिक्षण दिया जाता है, तब जाकर वे गंभीर दुर्घटना पीड़ितों का उपचार कर पाते हैं।


लेकिन भुआ बिछिया में संचालित इस कथित ट्रामा सेंटर में क्या यह सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं? क्या जिला चिकित्सा अधिकारी और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से आवश्यक NOC ली गई है? क्या राज्य स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति प्राप्त है? यह अब बड़ा सवाल बनता जा रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना मानक और अनुमति के ट्रामा सेंटर संचालित हो रहा है तो यह न केवल स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर मरीजों के जीवन के साथ बड़ा जोखिम भी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका और निरीक्षण व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।


सबसे अहम सवाल यह है कि यदि ट्रामा सेंटर के नाम पर सुविधाएं अधूरी हैं, तो आखिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक जांच क्यों नहीं की? क्या विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से यह संचालन जारी है या फिर जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी मौन बने हुए हैं?


वही अब जरूरत इस बात की है कि जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करें कि शिवहरे कॉम्प्लेक्स भुआ बिछिया में संचालित ट्रामा सेंटर को आखिर किस आधार पर अनुमति मिली है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए, ताकि मरीजों की जान के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो और जिम्मेदार इस ओर ध्यान दें

Share This Article
Translate »