समता बौद्ध विहार में अंतरराष्ट्रीय कलाकार गगन मलिक और जर्मन मेहमानों ने किया बुद्ध प्रतिमाओं का वितरण

Revanchal
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रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा

स्थानीय समता बौद्ध विहार में ‘84000 बुद्ध प्रतिमा वितरण महाअभियान’ के अंतर्गत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध धर्म प्रचारक, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता एवं गगन मलिक फाउंडेशन के संस्थापक गगन मलिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जर्मनी से पधारे विशेष अतिथि डॉ. थियेन क्वांग जी एवं माइकल ले भी शामिल हुए।

​डॉ. आंबेडकर समता विकास समिति के महासचिव एवं भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष सतीश गोंडाने ने बताया कि इस गरिमामयी समारोह में जर्मन मेहमानों के सौजन्य से दान की गईं 50 भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं चयनित बौद्ध उपासक-उपासिकाओं को वितरित की गईं।

​धम्म वंदना से हुई शुरुआत
​कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और भगवान बुद्ध व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण के साथ हुई। स्वागत भाषण सविता खांडेकर ने दिया। इसके बाद सावित्रीबाई फुले महिला मंडल की ओर से बुद्ध वंदना, धम्म वंदना एवं संघ वंदना की सुमधुर प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।


​बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाना लक्ष्य गगन मलिक
​अपने संबोधन में फिल्म अभिनेता गगन मलिक ने कहा कि वे इस महाअभियान के जरिए पूरे देश में भगवान बुद्ध के करुणा, समता और शांति के संदेश को घर-घर पहुँचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने समाज से बाबा साहेब के दिखाए मार्ग पर चलने और बौद्ध धम्म के विचारों को आत्मसात करने की अपील की। गौरतलब है कि गगन मलिक भगवान राम, श्रीकृष्ण और बुद्ध के किरदारों में टीवी व फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं।
​कार्यक्रम में नागपुर से आए डॉ. कोबरा गणेश और अनिरुद्ध दुपारे ने भी समाज को संगठित होकर धम्म कार्य करने की प्रेरणा दी।

​छिन्दवाड़ा को जल्द मिलेंगी 100 और प्रतिमाएं
​छिन्दवाड़ा के समाज और उनकी आत्मीयता से अभिभूत होकर गगन मलिक ने घोषणा की कि आने वाले समय में जर्मनी के सहयोगियों के माध्यम से यहाँ 100 और बुद्ध प्रतिमाओं के वितरण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद वे जिला अध्यक्ष सतीश गोंडाने के निवास पर भी पहुँचे और समाजबंधुओं को प्रेरक संदेश दिए।

​इनका रहा विशेष सहयोग
​कार्यक्रम को सफल बनाने में सुभाष नागले, डी आर मोटघरे, महेंद्र सोमकुंवर, गौतम दुपारे, पी.के. शेंडे, सुभाष गजभिए, चंद्रशेखर बंसोड़, पंकज तागड़े, बाबूलाल चौहान, संदीप बोरकर, डी.डी. गजभिए, मुनेश्वर धत, राकेश वाहने, छविता खांडेकर, कुसुम पाटिल, पुष्पा गणवीर, वैशाली वाहने, पद्मिनी गोंडाने, लता बंसोड, गीता हिरकने, मंजू पाटिल, राजेश्वरी मेश्राम, संगीता मालवी, कुंदा मोटघरे, भावना बागडे, शीला गैडम, सुनंदा बागडे, विशाखा हिरकने, माधविका चौहान, ए.आर. मेश्राम, सदाशिवराव सोनटक्के, एस.एल. गैडम, ए.आर. गजभिए, एस.एल. खांडेकर, जमुलकर साहब, सी.डी. चौरे, और डॉ. सी.एल. गैडम सहित समिति के सभी पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

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