दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर। जबलपुर में अब रात सिर्फ अंधेरी नहीं होती… खतरनाक भी होती जा रही है।
क्योंकि यहां अब मामूली रंजिशें सड़कों पर गोलियों की आवाज़ में बदल रही हैं।
गोहलपुर थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि उस बेलगाम हिंसा का संकेत है, जो शहर की गलियों में तेजी से सामान्य होती जा रही है।
24 वर्षीय निखिल रजक उर्फ निक्की रविवार रात अपने दोस्तों के साथ लस्सी पीने निकला था।
सोचिए…
एक साधारण सी रात।
दोस्तों के साथ हंसी-मज़ाक।
और फिर अचानक सामने रुकती मोटरसाइकिलें और स्कूटियां।
इसके बाद जो हुआ, वह किसी गैंगवार के दृश्य जैसा था।
निखिल के मुताबिक संस्कार परिसर के सामने अंडा ठेला के पास पांच युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि रंजीत चौधरी नाम के युवक ने सीधे पिस्टल निकालकर दो फायर कर दिए। गोलियां भले शरीर को नहीं लगीं, लेकिन शहर के माहौल को जरूर घायल कर गईं।
जान बचाने के लिए निखिल और उसका साथी भागे।
लेकिन यहां कहानी खत्म नहीं हुई।
आरोप है कि बदमाश पीछा करते रहे… और फिर दोबारा फायरिंग हुई।
यह सिर्फ हमला नहीं था, यह एक संदेश था … डर पैदा करने का।
भागते-भागते निखिल गिर पड़ा। और फिर शुरू हुआ वह हमला, जिसमें इंसानियत सबसे पहले मरती है।
आरोप है कि अखिल कश्यप ने चाकू से वार किए, जबकि बाकी आरोपियों ने पत्थरों से सिर और जांघ पर हमला किया।
एक घायल युवक सड़क पर पड़ा था… और पांच लोग उस पर टूट पड़े थे।
लेकिन कहानी यहां भी खत्म नहीं हुई।
निखिल का आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन स्कूटी पर बैठाकर कहीं ले जाया जा रहा था। सवाल यह है कि आखिर उसे कहां ले जाया जा रहा था? और अगर रास्ते में हादसा न होता, तो क्या यह मामला सिर्फ हत्या तक सीमित रहता या कुछ और भयावह सामने आता?
सारा सिटी के पास स्कूटी सामने से आ रही बाइक से टकरा गई। आरोपी और घायल युवक सड़क पर गिर पड़े। भीड़ जुटी तो हमलावर मौके से भाग निकले।
कई बार अपराधी वहां हारते हैं, जहां उन्हें लगता है कि अब कोई देखने वाला नहीं बचा।
इस मामले में भी शायद सड़क पर जुटी भीड़ ही निखिल की बची हुई सांसों की वजह बन गई।
घायल युवक फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। उसने पुलिस को बताया कि सावन के दौरान हुए पुराने विवाद को लेकर यह हमला किया गया।
यानी एक पुरानी रंजिश…
जो समय के साथ खत्म नहीं हुई, बल्कि गोलियों और चाकुओं में बदल गई।
पुलिस ने रंजीत चौधरी, अखिल कश्यप, लक्की चौधरी, करण ठाकुर और भग्गू उर्फ मोहित चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेकिन इस घटना ने फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है …
क्या शहर में अब युवाओं के हाथों में सपनों से ज्यादा हथियार आ गए हैं?
और क्या छोटी दुश्मनियां अब सीधे “खून के हिसाब” में बदलती जा रही हैं?
मुहम्मद अनवार बाबू
