दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला।मध्य प्रदेश के मंडला जिले सहित पूरे प्रदेश में शिक्षक चयन परीक्षा वर्ग-1, 2 और 3 उत्तीर्ण अतिथि शिक्षक आज भी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। परीक्षा पास करने और वर्षों का अनुभव होने के बावजूद उन्हें सरकारी स्कूलों में नियमित नियुक्ति नहीं मिल पा रही है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सबसे ज्यादा नाराजगी महिला अतिथि शिक्षकों में देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि सरकार एक ओर महिला आरक्षण और सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर योग्य और पात्र महिला शिक्षकों को नियुक्ति देने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
महिला शिक्षकों का आरोप है कि उनके पास अतिथि शिक्षक का अनुभव प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र और परीक्षा में सफलता जैसी सभी योग्यताएं होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
वही शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से वे कम वेतन में अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं देते रहे, इस उम्मीद के साथ कि परीक्षा पास करने के बाद उन्हें नियमित नियुक्ति मिलेगी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
इस मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे शिक्षकों में और ज्यादा असंतोष बढ़ रहा है। खासकर महिला अतिथि शिक्षक इसे अपने अधिकारों की अनदेखी मानते हुए आंदोलन की चेतावनी दे रही हैं।
उत्तीर्ण अतिथि शिक्षकों ने मांग की है कि उन्हें शीघ्र नियमित नियुक्ति दी जाए, महिला आरक्षण और अन्य पात्रताओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी वर्षों की सेवा का सम्मान करते हुए न्याय किया जाए।
