दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में यात्री वाहन संचालक नियम-कायदों को ठेंगा दिखाकर सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं। चर्चा है कि कई यात्री वाहन बिना वैध परमिट के संचालन कर रहे हैं, जबकि परिवहन विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की जांच-पड़ताल न के बराबर दिखाई दे रही है।
जिले की सड़कों पर कई खटारा और जर्जर बसें दौड़ रही हैं, जिनकी हालत यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। बसों में बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है, खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं तथा यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। इसके बावजूद ऐसे वाहनों का निर्बाध संचालन जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर यात्री वाहनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि जिले में चल रहे सभी यात्री वाहनों के परमिट, फिटनेस और दस्तावेजों की विशेष जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
सवाल यह है कि जब खटारा और बिना परमिट वाले वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो आखिर जिम्मेदार विभाग की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ रही है?
