बारिश शुरू होते ही नारायणगंज नगर में बढ़ी परेशानी, शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में केवल स्वच्छता अभियान दीवारो में लिखे सोलोगन और कहने सुनने में बहुत अच्छे लग रहे है क्योंकि जिन्हें साफ सफाई या कचरे नाली की सफाई की जिम्मेवारी सौपी गई है वह केवल में कागज़ों में आंकड़े भर कर स्वच्छता अभियान संचालित कर रहे है क्योंकि मंडला जिले में जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी मस्त जनता त्रस्त दिखाई पड़ रही है न कोई सुनने वाला है और न ही कोई कहने वाला है सब चैन की गहरी नींद में आराम फरमा रहे वह अब 2027 में जगेंगे।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत नारायणगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया उर्फ नारायणगंज नगर में नाले-नालियों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। बारिश का मौसम शुरू होने के बावजूद पंचायत प्रशासन द्वारा नालियों की नियमित सफाई और मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है, जिससे आवागमन में कठिनाई होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी खतरा बढ़ गया है।
वही ग्रामीणों के अनुसार इस गंभीर समस्या को लेकर पंचायत एवं जनपद स्तर पर कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें की गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। परिणामस्वरूप नगर के कई क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई है।
खुले चेंबर और नाले बने खतरे का कारण
नगर में कई स्थानों पर नालों के चेंबर खुले पड़े हुए हैं, जो आम नागरिकों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। इन चेंबरों में कचरा और पॉलीथिन जमा होने से जल निकासी बाधित हो रही है तथा कई स्थानों पर नाले जाम हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आए दिन लोग इन खुले चेंबरों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन पंचायत द्वारा उन्हें ढंकने या सुरक्षित करने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
स्वच्छता अभियान पर उठ रहे सवाल
एक ओर पूरे देश में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं नारायणगंज नगर में इसकी स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का ध्यान बाजार एवं अन्य करों की वसूली पर अधिक केंद्रित है, जबकि नाली सफाई, सड़क रखरखाव और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगरवासियों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए, खुले चेंबरों को सुरक्षित ढंग से बंद कराया जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि संभावित दुर्घटनाओं और जनसमस्याओं से बचा जा सके।
