दैनिक रेवांचल टाईम्स – डिंडोरी। माँ नर्मदा की पवित्रता और जिले की सामाजिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले अवैध शराब बिक्री का आरोप लगाते हुए नागरिकों ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा माँ नर्मदा नदी को जीवनदायिनी एवं पवित्र नदी का दर्जा देते हुए नर्मदा तटों के आसपास शराब बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी कदम उठाए गए थे। इसके बावजूद आरोप है कि डिंडोरी जिले में दूर-दराज संचालित लाइसेंसी शराब दुकानों से शराब लाकर कथित रूप से अवैध ठिकानों के माध्यम से बिक्री की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड, कॉलेज तिराहा, अमरकंटक तिराहा, कंपनी चौक सहित कई इलाकों में कथित बेनामी शराब बिक्री के केंद्र संचालित हैं, जहां सुबह से लेकर देर रात तक शराब आसानी से उपलब्ध होने के आरोप हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन के पास अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण की जिम्मेदारी है, तो आखिर इतनी बड़ी मात्रा में कथित अवैध बिक्री कैसे जारी है? क्या निगरानी व्यवस्था कमजोर है या फिर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है?
नागरिकों का आरोप है कि शराब के बढ़ते चलन का सीधा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। नशे की लत से सामाजिक समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और आबकारी विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। क्या अवैध शराब कारोबार पर लगाम लगेगी या फिर पवित्र नगरी में यह कारोबार इसी तरह चलता रहेगा?
